नई दिल्ली:- शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों ने एक बीजेपी का दामन थाम दिया. आप के साथ की गई बगावत का नेतृत्व कर रहे राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तर ने भी बीजेपी में एंट्री ली है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के चाणक्य माने जाने वाले संदीप पाठक के बीजेपी में शामिल होते ही उनके घर पर खुशी की लहर दौड़ गई. छत्तीसगढ़ में उनके क्षेत्र विशेषकर लोरमी और मुंगेली में लोगों ने जश्न मनाया
संदीप पाठक छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी के बटहा गांव के रहने वाले हैं. जैसे ही उनके बीजेपी में जाने में शामिल होने के खबर आई तो स्थानीय बीजेपी संगठन और ग्रामीणों ने भारी उत्साह देखा गया. बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने संदीप के घर पहुंचकर आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटी.
संदीप पाठक की पहचान केवल एक नेता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक बुद्धिजीवी के रूप में भी है. संदीप ने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से पूरी की और बाद में बिलासपुर चले गए. उच्चा शिक्षा के लिए वे विदेश गए और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी की. उन्होंने ऑक्सफोर्ड और एमआईटी जैसे विश्व प्रसिद्ध संस्थानों में रिसर्च किया. राजनीति में आने से पहले वे आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे.
संदीप पाठक अरविंद केजरीवाल से प्रभावित होकर आम आदमी पार्टी से जुड़े थे. उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूत करने का काम किया. साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आप की जीत के पीछे संदीप पाठक की रणनीतियों को सबसे अहम माना जाता है. अरविंद केजरीवाल ने संदीप को अपना राजनीतिक सलाहकार बनाया और पंजाब कोटे से राज्यसभा भेजकर राष्ट्रीय संगठन महासचिव बनाया था
संदीप पाठक के बीजेपी में आने को एक तरह से घर वापसी कहा जा सकता है. क्योंकि उनके पिता शिवकुमार पाठक जनसंघ के दौर से ही बीजेपी से जुड़े रहे हैं. संदीप के पिता बीजेपी में मंडल अध्यक्ष से लेकर जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. संदीप के फैसले से पिता बहुत खुश हैं.
संदीप के पिता शिवकुमार पाठक ने कहा कि उनका बेटा हमेशा से मेहनती रही है और जब वह बीजेपी में शामिल हो गया है, तो निश्चित रूप से पार्टी को मजबूती मिलेगी. वहीं संदीप की मां प्रभा पाठक ने भी बेटे के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि पूरा परिवार और क्षेत्र के लोग यही चाहते थे कि संदीप बीजेपी में आएं.
संदीप पाठक अच्छे चुनावी रणनीतिकार हैं, बीजेपी में उन्हें नई जिम्मेदारी मिल सकती है. साथ ही उनका छत्तीसगढ़ से खास कनेक्शन होने के कारण आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका हो सकती है. वहीं संदीप के साथ अन्य सांसदों के बीजेपी में आने से पार्टी का ग्राफ मजबूत हुआ है तो दूसरी तरफ AAP के लिए यह बड़ा झटका है.
