नई दिल्ली :– डॉक्टर अमित जैन ने कहा कि ये पदार्थ तब सख्त हो जाते हैं और पथरी बन जाते हैं। ज्यादातर पथरी बिना किसी उपचार के अपने आप निकल जाती है, लेकिन कभी-कभी उन्हें क्लिनिकल प्रक्रिया के जरिए छोटे टुकड़ों में तोड़ने की जरूरत पड़ सकती है।
पथरी के लक्षण
मधुमेह, मोटापे से ग्रस्त, पुरुष और 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग जोखिम वाले समूह हैं। गुर्दे में पथरी के लक्षण काफी तीव्र होते हैं। सबसे ज्यादा ध्यान देने योग्य पीठ, पेट या बगल में अचानक होने वाला तेज चुभने वाला दर्द है।
दूसरी पथरी होने का रहता है खतरा
एक बार जब आपको किडनी में पथरी हो जाती है, तो दस साल के भीतर आपको दूसरी पथरी होने की संभावना 50 प्रतिशत अधिक होती है। दवा, आहार और जीवनशैली में बदलाव के संयोजन से इस जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
पथरी से बचने के लिए पानी पीएं
गुर्दे की पथरी से बचने के लिए हाइड्रेटेड रहें। यह किडनी स्टोन को रोकने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है। जब आप ज्यादा पानी पीते हैं, तो आपका मूत्र पतला हो जाएगा और इससे मूत्र में पदार्थों की सांद्रता और कठोरता कम हो जाएगी। कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ अधिक खाएं। सोडियम कम खाएं।
ज्यादा नमक का सेवन ना करें
अधिक नमक वाला आहार आपके गुर्दे की पथरी के जोखिम को बढ़ा देगा। मूत्र में अधिक नमक कैल्शियम को आपके रक्त में पुनः अवशोषित होने से रोकता है। ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थ कम खाएं। ऑक्सालेट मूत्र में कैल्शियम के साथ मिलकर पथरी बनाता है, इसलिए अपने आहार में ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों को कम करें। पशु प्रोटीन कम खाएं। विटामिन सी की खुराक से बचें।
