नई दिल्ली. ट्रैफिक जाम के लिए दुनियाभर में बदनाम बैंगलोर शहर की किस्मत अब बदलने वाली है. कर्नाटक सरकार ने अब शहर में जाम को खत्म करने के लिए बड़ा प्लान बनाया है. इस पर 4 साल के भीतर ही अमल किया जाएगा और सरकार की मंशा है कि शहर के 100 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सिग्नल फ्री कर दिया जाए. इसके तहत टनल बनाने के साथ शहर में 17 एलिवेटेड रोड भी बनाए जाएंगे. आपको जानकर हैरानी होगी कि बैंगलोर दुनिया के सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम वाले शहरों में पहले पायदान पर आता है.कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री और बैंगलोर विकास मंत्री डीके शिवकुमार ने ऐलान किया है कि राज्य सरकार शहर में 17 एलिवेटेड कॉरिडोर बनाएगी, जिसका मकसद सालों से चले आ रहे ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करना है.
सरकार की योजना है कि शहर के 100 किलोमीटर तक लंबी सड़कों को पूरी तरह सिग्नल फ्री कर दिया जाए. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही इसका टेंडर निकाल सकती है. एलिवेटेड रोड बनाने के लिए शहर में 17 जगहों की पहचान की गई है
.?12 हजार करोड़ का खर्चवृहद बैंगलोर महानगर पालिक ने शहर का सर्वे करने के बाद 17 ऐसी जगहों की पहचान की, जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम लगता है. इन जगहों पर ही एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी है. इस परियोजना पर कुल 12 हजार करोड़ का खर्चा आने का अनुमान है. सरकार की योजना है कि हर साल 4 से 5 फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, ताकि अगले 4 साल में प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाए.23 किलोमीटर लंबी होगी एक सड़कप्रस्तावित एलिवेटेड रोड में एक सड़क ऐसी भी शामिल है, जिसकी लंबाई 23 किलोमीटर है.
यह रोड केआर पुरम से गोरगुन्तेपल्या तक जाती है. इसके रास्ते में पुराना मद्रास रोड, उल्सूर लेक, जयमहल रोड, मखरी सर्किल और यशवंतपुर पड़ता है. इसके अलावा इजिपुरा फ्लाईओवर को बढ़ाकर होसुर रोड और आनंद राव सर्किल से केआर सर्किल और मिनर्वा सर्किल तक किया जाएगा.सेविंग अकाउंट में रखें कितना पैसा? इस लिमिट से ज्यादा हुआ तो मिलेगा नोटिससेविंग अकाउंट में रखें कितना पैसा? इस लिमिट से ज्यादा हुआ तो मिलेगा नोटिसआगे देखें…सड़कों के गड्ढे भरने के लिए ऐपमहानगर पालिका ने शहर की सड़कों पर बने गड्ढे भरने के लिए बाकायदा ऐप लांच किया है. इस ऐप का नाम रास्ते गुंडी गमाना रखा है. इस ऐप के जरिये लोग अपने आसपास की सड़कों की फोटो खींचकर भेजेंगे और जहां भी जरूरत होगी, गड्ढे भरे जाएंगे. इसके अलावा महानगर पालिका ने फिक्स माई स्ट्रीट ऐप भी उतारा है, जिसके जरिये नागरिक सड़कों में गड्ढे होने की जानकारी दे सकेंगे और उसे समय रहते भरा जा सकेगा.
