नई दिल्ली:– भारत सरकार द्वारा देश के नागरिकों के लिए अलग-अलग तरह की बहुत सारी योजनाएं चलाई जाती है. कुछ योजनाएं देश के नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लाई जाती हैं. तो वहीं कुछ योजनाएं लोगों को बेहतरीन सुविधा देने के लिए संचालित की जाती हैं. पढ़ाई सभी लोगों के जीवन का एक बेहद जरूरी हिस्सा होता है. एक पढ़ा लिखा इंसान एक देश को बेहतर और मजबूत बनाने में योगदान देता है.
भारत में बहुत से बच्चे हैं जो सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं. सरकारी स्कूलों में बिना भेदभाव के अमीर गरीब सभी बच्चों को शिक्षा दी जाती है. भारत में बहुत से ऐसे स्कूल है जो काफी साल पहले बने थे. इन स्कूलों को अब मॉडर्न बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री स्कूल योजना शुरू की गई है. चलिए आपको बताते हैं किस तरह से इसमें विकसित होने वाले स्कूल आम स्कूलों से अलग होंगे.
क्या है पीएम श्री स्कूल योजना?
भारत सरकार द्वारा साल 2022 में एक स्कीम लॉन्च की गई थी. जिसका नाम था पीएम श्री यानी पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया जिसे पीएम श्री स्कूल योजना के नाम से भी जाना जाता है. इस स्कीम के तहत नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को इंप्लीमेंट किया जाएगा. सरकार द्वारा 14500 स्कूलों को योजना के तहत विकसित करने का काम किया जाएगा. यानी इन स्कूलों को मॉडर्न तकनीक के तहत बनाया जाएगा.
अगर अभी सरकारी स्कूलों की बात की जाए तो उनमें पढ़ने वाले छात्रों को उतनी सुविधाएं नहीं मिल पाती. जितनी किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को मिलती हैं. लेकिन भारत सरकार की पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को मॉडर्न तकनीक से विकसित किया जाएगा. इसमें भौतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा. क्लास रूम को बेहतर तरीके से बनाया जाएगा. लेबोरेटरी की व्यवस्था की जाएगी.
बच्चों को अलग-अलग विषयों का प्रैक्टिकल नॉलेज भी दिलाया जाएगा. इसमें वीआर हेडसेट, मल्टीपर लैंग्वेज पेन ट्रांसलेटर, वीडियो रिकॉर्डिंग लैब और खेलकूद के लिए भी अच्छा परिसर तैयार किया जाएगा. इसके साथ ही योजना के तहत नेत्रहीन छात्रों के लिए भी पढ़ाई के लिए अलग से बंदोबस्त किया जाएगा.
