नई दिल्ली:– वैदिक ज्योतिष अनुसार रत्नों के अंदर ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर करने की शक्ति होती है। साथ ही रत्न पहनने से ग्रह के शुभ प्रभाव को ओर बढ़ाया जा सकता है। लेकिन आपको बता दें कि बिना कुंडली का विश्लेषण करके रत्न पहनने से व्यक्ति को नुकसान हो सकता है। धन की हानि हो सकती है। साथ ही दुर्घटना हो सकती है। वहीं आपने देखा होगा कुछ लोग शौक- शौक में रत्न पहन लेते हैं, तो कि गलत है। यहां हम बात करने जा रहे हैं आज मोती रत्न के बारे में, जिसका संबंध चंद्र ग्रह से माना जाता है। आइए जानते हैं मोती किन राशि वालों को धारण करने से बचना चाहिए।
ऐसा होता है मोती
मोती समुद्र की गहराई में पाया जाता है। मोती सफेद और हल्का पीला होता है। सबसे अच्छा मोती साउथ सी का माना जाता है। जो बाजार में काफी मंहगा मिलता है।
रत्न शास्त्र मुताबिक मकर, वृष, तुला और कुंभ राशि के लोगों को मोती पहनने से बचना चाहिए। क्योंकि इन राशियों के स्वामी से चंद्र देव से शत्रुता का भाव रखते हैं। इसलिए अगर आप चंद्रमा पहनेंगे तो मानसिक परेशानी हो सकती है। साथ ही कारोबार में नुकसान हो सकता है। वहीं मोती के साथ नीलम और गोमेद पहनने से बचना चाहिए। क्योंकि शनि और राहु के साथ चंद्र देव का शत्रुता का भाव है। मोती के साथ माणिक्य धारण कर सकते हैं। साथ ही मोती के साथ पुखराज भी धारण किया जा सकता है।
ये लोग भी नहीं धारण करें मोती
ज्योतिष शास्त्र अनुसार सिंह लग्न वालों के लिए चंद्रमा ग्रह इनकी कुंडली में 12वें स्थान के स्वामी होते हैं। इसलिए सिंह लग्न वालों को मोती नहीं धारण करना चाहिए। वहीं अगर आप मोती धारण करते हैं तो वैवाहिक जीवन में परेशाना आ सकती है। साथ ही कुंभ लग्न वालों को मोती धारण करने से बचना चाहिए। क्योंकि कुंभ लग्न में चंद्रमा छठे स्थान का स्वामी माना जाता है। इसलिए मोती धारण करने से आपको शत्रु नुकसान पहुंचा सकते हैं। आपको अज्ञात का भय रह सकता है। वहीं अगर कुंडली में शनि और चंद्रमा का विष योग बन रहा हो तो भी मोती नहीं धाऱण करें। साथ ही कुंडली में अगर चंद्रमा नीच का स्थित हो तो भी मोती नहीं धारण करें।
