नई दिल्ली:– जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव पूर्व नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के बीच हुए गठबंधन को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि नेकां और कांग्रेस के बीच यह गठबंधन सिद्धांतों पर आधारित नहीं है, बल्कि यह सत्ता साझा करने का एक समझौता मात्र है। अगर यह सिद्धांतों पर आधारित गठबंधन होता तो कोकरनाग कांग्रेस की सीट होती। नेकां ने यह सीट कांग्रेस के लिए छोड़ तो दी, लेकिन अपना उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में मैदान में उतारा।
नेकां ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का बहिष्कार किया था- महबूबा
अनंतनाग जिले के कोकरनाग विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैली में महबूबा ने तंज कसा कि एक समय में नेकां ने जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सामाजिक बहिष्कार किया था। कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बेटियों को तलाक तक दे दिया गया, लेकिन उनके दिवंगत पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कांग्रेस को कश्मीर में एक विकल्प में बदल दिया था।
महबूबा ने कहा कि जब डॉ. फारूक अब्दुल्ला को अहसास हुआ कि कांग्रेस एक विकल्प बन रही है और तो उन्होंने कांग्रेस को गठबंधन के माध्यम से अपनी जेब में डाल दिया और वह आज तक इससे बाहर आने के लिए संघर्ष कर रही है। अगर उनके पिता ने पीडीपी का गठन नहीं किया होता तो नेकां अभी भी अपने सत्तावादी तरीकों पर कायम रहती।
