7 साल बाद की सबसे शक्तिशाली घटना तस्वीरों में कैदNASA के सोलर डायनामिक्स ऑब्जर्वेटरी ने सूर्य की सतह पर शक्तिशाली सोलर फ्लेयर को कैद किया है. NASA के मुताबिक यह साल 2017 के बाद से दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली सोलर फ्लेयर है. नासा ने इससे जुड़ी जो तस्वीरें जारी की हैं उसमें सूर्य एक बड़ा आग का गोला नजर आ रहा है और इसमें पृथ्वी की ओर सूर्य की सतह पर तीव्र विस्फोट होता दिख रहा है.सूर्य की सतह पर ऐसा क्या दिखा कि नासा के वैज्ञानिक भी हुए हैरान…7 साल बाद की सबसे शक्तिशाली घटना तस्वीरों में कैदसूर्य पर दिखा शक्तिशाली विस्फोटशाहीन बानोशाहीन बानो |
NASA के सोलर डायनामिक्स ऑब्जर्वेटरी (SDO) ने सूर्य की सतह पर X9-क्लास के सोलर फ्लेयर को कैद किया है, जो कि इस सोलर सायकल का सबसे शक्तिशाली फ्लेयर है. नासा के मुताबिक सोलर फ्लेयर सूर्य से निकलने वाली वह ऊर्जा है जो रेडियो कम्युनिकेशन और पावर ग्रिड्स को प्रभावित कर सकती है.NASA के मुताबिक यह साल 2017 के बाद से दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली सोलर फ्लेयर है. गुरुवार को SDO ने इस सोलर फ्लेयर की तस्वीरें खीची हैं. नासा की ओर से इससे जुड़ी जो तस्वीरें जारी की गईं हैं उसमें सूर्य एक बड़ा आग का गोला नजर आ रहा है और इसमें पृथ्वी की ओर सूर्य की सतह पर तीव्र विस्फोट होता दिख रहा है.
सोलर डायनामिक्स ऑब्जर्वेटरी क्या है?दरअसल नासा ने 2010 में सोलर डायनामिक्स ऑब्जर्वेटरी मिशन लॉन्च किया था. इसका उद्देश्य सूर्य के मैग्नीटिक फील्ड एनर्जी से जुड़ी जानकारी जुटाना था. यह नासा का स्पेसक्राफ्ट है जो सूर्य का अध्ययन करता है. यह सूर्य के बाहरी हिस्से पर होने वाली हलचल को कैद करता है और इसकी तस्वीरें नासा को भेजता है. सामान्य तौर पर इंसान सूर्य को सीधे अपनी आंखों से देख नहीं सकता लेकिन नासा का SDO 24 घंटे सूर्य पर नजर रखता है.!SDO से खींची गई तस्वीरों में आग के गोले की तरह नजर आ रहा है और इसके निचले हिस्से में X9 फ्लेयर उभरती नजर आ रही है. स्पेस एजेंसी के मुताबिक यह तस्वीर तीव्र अल्ट्रावॉयलेट लाइट्स का सबसेट नजर आती है, जो अत्यंत तीव्र विस्फोट को हाइलाइट करती है. इसका रंग लाल और गोल्डन नजर आ रहा है
.सूर्य से निकलने वाले सोलर फ्लेयर को जानिएदरअसल सूर्य की सतह से निकलने वाले विस्फोट को सोलर फ्लेयर कहा जाता है. सूर्य मैग्नेटिक ऊर्जा छोड़ता है और इससे निकलने वाले पार्टिकल्स और रोशनी से ही सोलर फ्लेयर बनता है.सोलर फ्लेयर को कई श्रेणियों में बांटा गया है, इसमें B, C, M और X क्लास की सोलर फ्लेयर होती हैं. X-क्लास की फ्लेयर को सबसे ज्यादा तीव्र और शक्तिशाली माना जाता है. हालांकि X-क्लास की सोलर फ्लेयर में भी कई रेंज हैं. नासा के मुताबिक अब तक रिकॉर्ड की गई सोलर फ्लेयर की घटनाओं में X45 सबसे ताकतवर थी जिसे 2003 में दर्ज किया गया था.
सूर्य का तापमान लगातार बढ़ रहा है और यही वजह है कि हाल के वर्षों में सोलर फ्लेयर की घटनाएं भी बढ़ी हैं.सूर्य पर कब-कब हुए जबरदस्त विस्फोट?इससे पहले इसी साल 24 जुलाई को सोलर फ्लेयर की घटना दर्ज की गई थी. इसमें X14 क्लास की सोलर फ्लेयर देखी गई. वहीं 14 मई 2024 को भी सूर्य की सतह पर शक्तिशाली विस्फोट हुआ, इसके बाद वैज्ञानिकों ने X8.9 क्लास की सोलर फ्लेयर दर्ज की थी. साल 2005 के बाद सूर्य की सतह पर विस्फोट में वृद्धि देखी गई है. वैज्ञानिकों के मुताबिक जैसे-जैसे सूर्य का तापमान बढ़ेगा, वैसे ही इस तरह के विस्फोट भी बढ़ेंगे.
सोलर फ्लेयर से पृथ्वी को क्या नुकसान?सूर्य की सतह से होने वाले तीव्र विस्फोट के चलते ये सोलर फ्लेयर दिखते हैं. सोलर फ्लेयर का पृथ्वी पर रेडियो कम्युनिकेशन और पावर ग्रिड्स को प्रभावित कर सकती है. अगर यह पृथ्वी की दिशा में ज्यादा तीव्र होगी तो इससे रेडियो ब्लैकआउट का खतरा है. 1989 में दर्ज की गई शक्तिशाली सोलर फ्लेयर ने क्यूबेक के बिजली ग्रिड को प्रभावित किया था.
