नई दिल्ली:– अगर आप 2 सिम कार्ड यूज करते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद काम आने वाली है. क्योंकि नए नियमों का एलान हो गया है. सिर्फ 2G सेवाएं या दो सिम कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ा एलान हुआ है. टेलीकॉम कंपनियों को अब ग्राहकों को Voice+ SMS पैक भी उपलब्ध करना होगा. टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी किए है.
लेकिन आमतौर एक यूजर एक सिम से इंटरनेट समेत सभी सेवाएं इस्तेमाल करता है वहीं दूसरे सिम से आमतौर पर वॉइस और SMS सर्विस ही यूज करते हैं. ऐसे में उसे रकम चुकाकर सिर्फ दो सर्विस के लिए महंगा पैक रिचार्ज करना होता है.
इसीलिए ट्राई टेलीकॉम कंपनियों को नए निर्देश जारी किए है. इससे जुड़ी गाइडलाइंस जारी हो गई है.
STV यानी स्पेशल टैरिफ वाउर 90 दिन से बढ़ाकर 365 दिन का दे सकते है. 10 रुपये का टॉप अप वाउचर रखना जरूरी है. भारत में अभी भी 30 करोड़ लोग 2G सेवाओं का इस्तेमाल करते है.
अभी टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों को को बंडल डाटा पैक मुहैया कराती है. इससे ग्राहकों के जेब पर असर पड़ता है. ट्राई ने जुलाई में इस पर कंसल्टेशन पेपर जारी किया था.
अभी सिम कार्ड के नियम क्या है…भारत सरकार ने मोबाइल सिम कार्ड से संबंधित नियमों में बदलाव किए हैं, जो 1 दिसंबर 2023 से लागू हो चुके हैं.
सिम कार्ड जारी करने के नियम-सभी सिम कार्ड विक्रेताओं (PoS एजेंट) को टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है, जिसमें आधार और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों के साथ पुलिस सत्यापन शामिल है.
टेलीकॉम ऑपरेटरों और सिम बेचने वाले के बीच एक लिखित समझौता आवश्यक होगा, जिसमें ग्राहक पंजीकरण, संचालन क्षेत्र, और उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई का विवरण होगा.
बिना रजिस्ट्रेशन के सिम कार्ड बेचने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है.
नए सिम कार्ड खरीदने या मौजूदा नंबर पर सिम बदलने के लिए ई-केवाईसी (आधार आधारित इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी) प्रक्रिया अनिवार्य है.
थोक में सिम कार्ड की बिक्री पर रोक लगा दी गई है.व्यावसायिक कनेक्शनों के लिए प्रत्येक यूजर्स के लिए व्यक्तिगत केवाईसी आवश्यक होगा.
डिस्कनेक्ट होने के 90 दिनों के बाद ही किसी मोबाइल नंबर को नए ग्राहक को आवंटित किया जाएगा.एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड रख सकता है, जबकि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में यह सीमा 6 सिम कार्ड की है
अगर किसी सिम कार्ड का 30 दिनों तक उपयोग नहीं होता है, तो उसकी आउटगोइंग सेवाएं बंद की जा सकती हैं, और 45 दिनों तक निष्क्रिय रहने पर इनकमिंग सेवाएं भी बंद हो सकती हैं.
इन नए नियमों का उद्देश्य फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से होने वाली डिजिटल धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाना है, जिससे उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके
