मध्य प्रदेश :– मूंग खरीदी की धीमी रफ़्तार के चलते किसानों का गुस्सा फुट पड़ा है। कई जिलों में खरीद केंद्रों पर अव्यवस्थाओं, लंबी प्रतीक्षा और समय पर उपज नहीं खरीदे जाने के चलते आक्रोशित किसान अब सड़कों पर उतर आये है और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है। इधर, किसानों के साथ हो रहे अत्याचार को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम मोहन यादव को पत्र लिखकर किसानों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है।
2 फीसदी मूंग की हुई खरीदी
कमलनाथ ने पत्र में लिखा कि मध्य प्रदेश देश का सबसे बड़ा मूंग उत्पादक राज्य है और केंद्र सरकार ने प्रदेश से 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन अभी तक सिर्फ 7 हजार 947 मीट्रिक टन ही मूंग खरीदी की गई है। जो की कुल 2 फीसदी है।
उचित मूल्य दिलाने की मांग
पूर्व सीएम ने आगे कहा कि खरीद प्रक्रिया की धीमी गति के कारण किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य के बजाय कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से खरीदी व्यवस्था में तेजी लाने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की हैमुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की तैयारी
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की धीमी रफ्तार के चलते सोमवार को नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जिलों के किसानों ने राजधानी भोपाल की ओर कूच कर दिया। जिन्हे रोकने के लिए शहर की सीमाओं में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किये गए है। बावजूद इसके किसान लगातार भोपाल की तरफ बढ़ रहे है। किसानों ने खुली चेतावनी दी है कि वो बुधवार सुबह भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे और अपनी मांगे रखेंगे।
