नई दिल्ली:- दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद कंपकंपाती ठंड के बीच सियासी पारा चरम पर है. सभी पार्टियां चुनावी अभियान में जुट गई हैं. दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान होगा और चुनाव नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे.
चुनावी सरगर्मी के बीच सियासी गलियारों में चुनाव परिणाम को लेकर भी कयास लगने लगे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार दिल्ली चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है. 2013 से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है. भाजपा इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी को सत्ता से बाहर करने के लिए पूरा जोर लगा रही है, जो पिछले 27 वर्षों से सत्ता के लिए संघर्ष कर रही है. इसी तरह कांग्रेस भी दिल्ली में खुद को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है.
चुनाव नतीजों को लेकर कयासबाजी के बीच राजस्थान के पारंपरिक फलोदी सट्टा बाजार ने भी भविष्यवाणी की. सट्टा बाजार की भविष्यवाणी की मानें तो दिल्ली विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी AAP और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर हो सकती है.
राजस्थान के फलोदी जिले में स्थित यह सट्टा बाजार अपनी सटीक भविष्यवाणी के लिए जाने जाता है. यह किसी डेटा का विश्लेषण किए बिना ही अपनी भविष्यवाणी करता है. पिछले कुछ चुनावों में अपनी भविष्यवाणी को लेकर यह चर्चा में रहा.
दिल्ली की राजनीति में उलटफेर के संकेत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फलोदी सट्टा बाजार ने अपनी भविष्यवाणी में दिल्ली की राजनीति में उलटफेर के संकेत दिए हैं. जिसके अनुसार, साधारण बहुमत के साथ दिल्ली में AAP की सत्ता बरकरार रह सकती है. हालांकि भाजपा कड़ी चुनौती पेश कर रही है. फलोदी सट्टा बाजार की भविष्यवाणी के अनुसार, आम आदमी पार्टी को 30 से 40 सीटें मिल सकती हैं. भाजपा को 25 से 35 सीटें और कांग्रेस को तीन सीटें मिलने के कयास लगाए गए हैं.
बहुमत का आंकड़ा 36
दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 36 है. आम आदमी पार्टी ने 2020 में 62 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी, जबकि 2015 के विधानसभा चुनाव में AAP को 67 सीटें मिली थीं.
