रायपुर:- कांग्रेस ने आज बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सीएम हाउस के घेराव का ऐलान किया था. तय समय के मुताबिक कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय के सामने जमा हुए. निगम कार्यालय के सामने कांग्रेस ने एक जनसभा की. जनसभा में पीसीसी चीफ दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी शामिल हुए. सभा में शामिल नेताओं ने जोरदार तरीके से साय सरकार पर हमला बोला. नेताओं का कहना था कि प्रदेश में लगातार कानून व्यवस्था की हालत बद से बदतर होती जा रही है. दिनों दिन अपराध का ग्राफ छत्तीसगढ़ में बढ़ता जा रहा है.
सीएम हाउस घेरने निकली कांग्रेस: कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जंगी प्रदर्शन को देखते हुए रायपुर पुलिस ने अपने खास इंतजाम किए थे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए जगह जगह बैरिकेड्स लगाए गए. भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई. कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जैसे ही सीएम हाउस की ओर बढ़े पुलिस ने उनको रोक दिया. नाराज कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए. कई कार्यकर्ता झड़प के दौरान बैरिकेड्स फांदकर आगे भी बढ़ते रहे. पुलिस लगातार उनको रोकने की कोशिश में जुटी रही.
दीपक बैज का आरोप: पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ कम होने के बजाए लगातार बढ़ता जा रहा है. कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है. हत्या और महिलाओं से जुड़े अपराध बढ़ते जा रहे हैं. इस सरकार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. दीपक बैज सहित कांग्रेस नेताओं ने गृहमंत्री का इस्तीफा भी मांगा.
इस सरकार में हत्या और लूट सहित महिलाओं से जुड़े अपराधों के ग्राफ में तेजी आई है. सरकार इन अपराधों को रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है. गृहमंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए: दीपक बैज, पीसीसी चीफ
पुलिस ने लगाए टीन शेड के बैरिकेड्स: कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए रायपुर पुलिस ने ओसीएम चौक पर खास इंतजाम किए थे. पुलिस ने यहां टीन शेड के बड़े बड़े बैरिकेड्स लगाए थे. यहां पर जवान वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले के साथ तैनात रहे. लाठियों के साथ पुलिस के जवान भी मैदान में मोर्चा संभाले खड़े रहे. कार्यकर्ताओं ने बड़ी कोशिश की कि वो बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़े लेकिन पुलिस ने उनको आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा. बैज ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त किया जाए.
विधानसभा में दिए गए आंकड़े: कांग्रेस का कहना है कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद पूरे प्रदेश में अपराध और अपराधी बेलगाम हो चुके हैं. सरकार ने विधानसभा में जो आंकड़े दिए हैं उसके अनुसार राज्य में 2024-25 के बीच हत्या 1114, लूट 458, अपहरण 3644, चोरी 7960, डकैती 56, दुष्कर्म के 3191 केस दर्ज, एक साल में ही इसी 1 साल में राजधानी रायपुर में हत्या 93, लूट 80, अपहरण 515, चोरी 1645, डकैती 9, बलात्कार 268 घटनाएं हुई हैं.
बीजेपी ने किया पलटवार: कांग्रेस के प्रदर्शन पर बीजेपी प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि जब भी कोई प्रदेश में बड़ी घटना होती है तो 10 घटनाओं में से 8 घटनाओं में कांग्रेस के कार्यकर्ता या पदाधिकारी लिप्त पाए जाते हैं. पिछले 5 साल तक कांग्रेस छत्तीसगढ़ में रहते हुए अपराधियों के समान शासन चलाने वाली, अपराधियों की तरह व्यवहार करने वाली रही है. वर्तमान में बीजेपी सरकार के कार्यकाल में जितनी घटनाएं हो रही है उसकी जिम्मेदारी हम लेते हैं, क्योंकि हमारी सरकार में घटनाएं हो रही हैं. लेकिन अधिकांश घटनाओं में कांग्रेस के नेता शामिल होते हैं.
प्रदेश में 10 घटना होती है तो 8 घटनाओं में यदि कोई खड़ा होता है तो वह है कांग्रेस का नेता. पिछले 5 सालों में कांग्रेस ने अपराधियों के समान ही शासन चलाया. उन्होंने भी माना की छत्तीसगढ़ में हो रहे अपराध के पीछे मुख्य वजह नशा है, ऐसे में इसे जड़ से खत्म करना जरूरी है: संजय श्रीवास्तव, बीजेपी महामंत्री, छत्तीसगढ़
बीजेपी ने गिनाए अपराध: भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस शासन काल के 5 सालों में हुए घटनाक्रम के साथ ही भाजपा सरकार में हुई घटनाक्रम को विस्तार से बताया और कहा कि “आखिर छत्तीसगढ़ में हुई सभी घटनाओं के पीछे कांग्रेस क्यों लिप्त पाई जाती है. भाजपा सरकार के कार्यकाल में जो भी घटनाएं हुई है. उसमें भी कांग्रेस कि लिप्तता रही. सरगुजा की घटना को बात बताया कि कांग्रेस का कार्यकर्ता कुलदीप साहू ने सब इंस्पेक्टर की बेटी और उसकी पत्नी की 13 अक्टूबर 2024 को हत्या कर दी थी. वहीं दूसरी घटना गिरोधपुरी धाम वह भी राजनीतिक षड्यंत्र का केंद्र बन गया. इसी घटनाक्रम को लेकर 11 जून 2024 को बलौदा बाजार में हिंसक घटना और आगजनी हुई थी. इस घटना में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव का नाम आया वह पूरी तरह से छूटे नहीं है बल्कि जमानत पर हैं.