मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर:- भरतपुर जनपद की ग्राम पंचायत कुंवारपुर में अमृत सरोवर योजना के तहत 7.88 लाख रुपये जारी तो हुए लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य जमीन पर कहीं नजर ही नहीं आता है. पूर्व सरपंच और सचिव पर आरोप हैं कि बिना एक ईंट रखे लाखों रुपये की राशि डकार गए.
‘कागजों में सरोवर, हकीकत में गड्ढा तक नहीं’: ग्रामीण राजेश कुमार बैगा ने बताया,”फाइलों में पेवर ब्लॉक, जल निकासी, फेंसिंग सब कुछ बन चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत में कुछ भी नहीं है. सिर्फ खानापूर्ति कर पैसा निकाल लिया गया.
उपसरपंच ने लगाए गंभीर आरोप: उपसरपंच रामाश्रय पांडे ने साफ आरोप लगाया कि, ”पूर्व सरपंच और सचिव ने जनपद के अधिकारियों से सांठगांठ कर राशि निकाल ली. ये पूरा खेल जनपद निधि के जरिए हुआ. निर्माण कार्य का कहीं नामोनिशान नहीं.
वर्तमान सरपंच ने भी मानी गड़बड़ी: वर्तमान सरपंच लीलावती ने कहा, ”हमने जनपद सीईओ को शिकायत दी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सिर्फ कागजी कार्रवाई में बात अटक कर रह गई है.”
जांच आई पर नतीजा अब तक नहीं: ग्रामीणों ने बताया कि 1 अक्टूबर 2024 को जनपद पंचायत के अधिकारियों ने निरीक्षण किया. उनकी रिपोर्ट में साफ कहा गया कि स्थल पर सिर्फ मिट्टी भराव और समतलीकरण जैसी अधूरी गतिविधियां हुई हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि योजना सिर्फ ‘प्रारंभिक स्थिति’ में है, जबकि राशि पूरी निकाल ली गई. योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है. सरकारी फाइलों में यह तालाब अमृत कहलाया, लेकिन गांववालों के लिए यह विष बन गया.
दस्तावेजों में मिली पुष्टि: जांच दस्तावेज क्रमांक 14381/शिकायत/ज.पं./2025 और जिला खनिज न्यास के आदेश क्रमांक 240105171935/सिमसारी/2024, दिनांक 29/08/2024 में स्पष्ट रूप से अमृत सरोवर के मॉडिफिकेशन कार्य की मंजूरी का उल्लेख है.
गांव के लोगों की मांगें
- स्वतंत्र जांच हो.
- दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए.
- सिर्फ जांच नहीं, कार्रवाई भी चाहिए.
क्या कहते हैं अधिकारी: जब जनपद सीईओ अजय सिंह राठौर से पूछा गया तो उन्होंने कहा ”इस समय बहुत काम है, सुशासन पर्व चल रहा है. पीओ साहब से पूछिए, मुझे जानकारी नहीं है.”
वहीं जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम का कहना है कि अमृत सरोवर मनरेगा के तहत सेंग्शन हुआ था. मनरेगा के तहत जिनती राशि सेंग्शन हुई थी, उसमें अमृत सरोवर का काम हो चुका है. दूसरा फेस डीएमएफ के तहत सौंदर्यीकरण का है. इसमें एजेंसी ग्राम पंचायत थी, जिसकी शिकायतें मिली हैं. यह चुनाव के पहले पैसे जारी हुए थे. चुनाव के बाद सरपंच चेंज हो गए. उसके बाद लगभग ढाई महीने सचिव हड़ताल पर थे. अभी नए सरपंच ने कार्यभार संभाल लिया है. वहां मटेरियल आ गया है. अब वहां काम स्टार्ट हो जाएगा. शिकायत वाली कोई स्थिति नहीं है.