दिल्ली:- दिल्ली ही नहीं, पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण आने वाला है! भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 8 जून को इतिहास रचने के लिए तैयार हैं. वे एक्सियम स्पेस (Axiom Space) और नासा (NASA) के संयुक्त मिशन, एक्सियम-4 (AX-4) के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरेंगे. एक्सियम स्पेस और नासा ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस महत्वपूर्ण घोषणा की है.
पहले यह मिशन 29 मई को निर्धारित था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था. अब, सभी बाधाओं को पार करते हुए, यह महत्वाकांक्षी प्रक्षेपण अगले महीने होने जा रहा है.
शुभांशु शुक्ला 8 जून को भारतीय समयानुसार सुबह 9.11 बजे (फ्लोरिडा समयानुसार शाम 6.41 बजे) फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से अपना ऐतिहासिक अंतरिक्ष सफर शुरू करेंगे. उनके साथ इस मिशन में तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल होंगे: पैगी व्हिटसन (यूएसए), स्लावोज उज़्नान्स्की (पोलैंड) और तिबर कापू (हंगरी). यह दल लगभग दो सप्ताह तक आईएसएस पर रहेगा और विभिन्न वैज्ञानिक शोधों में भाग लेगा.
यह मिशन चार दशकों में पहली बार किसी भारतीय अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष स्टेशन पर भेज रहा है. याद दिला दें कि 1984 में राकेश शर्मा, रूसी अंतरिक्ष यान से आईएसएस गए थे. अब, शुभमशु शुक्ला जिस आधुनिक मिशन का हिस्सा बन रहे हैं, वह अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रयास है.
शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में सात महत्वपूर्ण प्रयोगों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे. इन प्रयोगों में अंतरिक्ष में फसल की खेती के अध्ययन और टार्डिग्रेड्स (पानी के भालू) पर शोध शामिल हैं. विशेष रूप से, इसरो ने भारतीय खाद्य पदार्थों से संबंधित फसलों पर प्रयोग करने की एक विस्तृत योजना तैयार की है. इस योजना के तहत, मेथी और मटर के पौधों के विकास और व्यवहार का निरीक्षण किया जाएगा. इन पौधों को बाद में धरती पर लाया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि वे मिट्टी में कैसे उगते हैं.