श्रीनगर:- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को श्रीनगर का दौरा किया, जहां उन्होंने सैनिकों से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया. उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब देगा.
पहलगाम हमले का करारा जवाब: राजनाथ सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना से पूरे देश में आक्रोश था. उन्होंने सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस हमले का बदला लिया है. उन्होंने कहा, “आतंकियों ने हमारे लोगों का धर्म पूछकर गोली मारी थी, हमने कर्म देखकर जवाब दिया है.” उनका यह बयान आतंकवादियों द्वारा की गई नृशंसता की निंदा करता है और भारतीय सेना की निष्पक्षता और पेशेवर रवैये को दर्शाता है.
सेना की कार्रवाई और सरकार का संकल्प: रक्षा मंत्री ने 7 मई को आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को सबसे बड़ी कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि सरकार सिर्फ कठोर फैसले ही नहीं लेती, बल्कि उन्हें लागू भी करती है. उन्होंने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि वह किसी भी कीमत पर आतंकवाद को सहन नहीं करेगा.
पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी: राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि उसने हमेशा भारत को धोखा दिया है. उन्होंने कहा कि भारत ने दुश्मन की छाती पर वार किया है और आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते. उन्होंने पाकिस्तान को आतंक को पनाह देना बंद करने की चेतावनी दी और कहा कि अगर आतंकवाद नहीं रुका तो पाकिस्तान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि आज पाकिस्तान जिस हालत में है, वहां उसे मदद के लिए लाइन लगानी पड़ रही है.
सैनिकों का हौसला बढ़ाया: रक्षा मंत्री ने सैनिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि बीते कुछ दिनों में उन्होंने देश का मान बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि वे एक डाकिया बनकर सैनिकों के लिए यह संदेश लेकर आए हैं कि पूरे देश को अपनी सेना पर गर्व है. उन्होंने सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने होश और जोश दोनों को बनाए रखा है.
आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प: राजनाथ सिंह का यह दौरा और उनके बयान आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि भारत किसी भी कीमत पर आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है. उनका यह दौरा सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें यह संदेश देने का भी एक प्रयास था कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है.