छत्तीसगढ़:- महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है. वहीं बीजेपी-कांग्रेस आमने सामने आ गए हैं. बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर बिल गिराने का आरोप लगाते हुए इसे महिला विरोधी बताया. वहीं अब आक्रोश रैली निकालने का ऐलान किया है.
लोकसभा में महिला आराक्षण बिल गिरने के बाद छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान तेज हो गया है. भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने रायपुर दौरे के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. अरुण सिंह ने कांग्रेस को ‘बेशर्म पार्टी’ करार देते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल गिरने के समय कांग्रेस हंस रही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ रहा है और महिला आरक्षण बिल को गिराकर कांग्रेस ने ‘पाप’ किया. साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी ‘नारी शक्ति अधिनियम’ को लेकर देशभर में व्यापक अभियान चलाएगी, जिसमें प्रेस वार्ता, पदयात्राएं और गांव-गांव तक पहुंचने के कार्यक्रम शामिल होंगे.
वहीं, कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी पलटवार किया गया. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को अपना नाम बदलकर ‘भारतीय झूठा पार्टी’ रख लेना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने संसद में झूठ बोला और देश की करोड़ों महिलाओं को गुमराह किया. सुशील आनंद शुक्ला ने यह भी कहा कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पास हो चुका है. लेकिन भाजपा इसे लागू नहीं कर रही है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही है और परिसीमन के मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण का इस्तेमाल कर रही है.
बीजेपी की आक्रोश रैली
महिला आरक्षण गिरने के बीजेपी में लगातार बैठकों का दौर जारी है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रेस कान्फ्रेंस कर विपक्ष पर हमला बोला. महिला एंव बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के साथ पाप किया है. महिलाएं कांग्रेस को कभी माफ नही करेगी. हम महिलाओं के बीच जाएंगे. उन्हें बताएंगे आखिर कैसे कांग्रेस महिला विरोधी है. 20 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय आक्रोश रैली निकाली जाएगी. रायपुर के इंडोर स्टेडियम में बड़ा आयोजन होगा. कांग्रेस महिलाओं का दुश्मन बन गई है.
कांग्रेस भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी
इधर कांग्रेस भी महिला आरक्षण को लेकर सभी जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित करने वाली है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा महिलाओं के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाहती थी. उनके मंसूबे पर पानी फिर गया है. ये महिला आरक्षण के नाम पर परिसिन बिल लाने जा रही थी. महिला आरक्षण तो 2023 में पास हो गया है. आखिर यह लागू क्यों नहीं कर रहे. कांग्रेस प्रेस वार्ता कर जनता को इनके मंसूबे के बारे में बताएगी.
