नई दिल्ली:– सुप्रीम कोर्ट ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवादित पोस्ट के लिए गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली अशोका विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर की पीठ करेगी सुनवाई
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। 19 मई को एसोसिएट प्रोफेसर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी।
18 मई को गिरफ्तार किया था प्रोफेसर
ऑपरेशन सिंदूर पर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने के लिए संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डालने सहित कड़े आरोपों के तहत दो एफआइआर दर्ज किए जाने के बाद महमूदाबाद को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था।
सोनीपत की एक स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया था प्रोफेसर
उन्हें 18 मई को सोनीपत की एक स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया और एक दिन पहले हरियाणा राज्य महिला आयोग (एचएससीडब्ल्यू) की शिकायत पर दर्ज मामले में दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मंगलवार को सोनीपत की अदालत ने उनकी पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद उन्हें 27 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
प्रोफेसर को बचाने सुप्रीम कोर्ट में उतरे सिब्बल
एसोसिएट प्रोफेसर अली खान (Professor Ali Khan) को पुलिस ने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए भारत सरकार के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर टिप्पणी करने के मामले में रविवार को गिरफ्तार किया था और कोर्ट में पेश किया जहां से कोर्ट ने उसे दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया था।
कपिल सिब्बल प्रोफेसर की तरफ से पैरवी करेंगे
अली खान ने अपनी गिरफ्तारी को गलत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सोमवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल (kapil Sibal) ने प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई और आगस्टिन जार्ज मसीह की पीठ के समक्ष अली खान की याचिका का जिक्र करते हुए मामले पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई।
