कवर्धा:- मंगलवार को कवर्धा जिले के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. भारतीय किसान संघ की अगुवाई में किसानों ने एथेनॉल प्लांट में तालाबंदी कर दी. इसकी वजह प्लांट में तैयार पोटास खाद है. यह खाद अमानक निकला जिसके बाद किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा. किसानों की शिकायत पर प्रशासन ने एथेनॉल प्लांट पर कुर्की का नोटिस लगाया है.
NKJ एथेनॉल कंपनी को लग रहा है झटका: कवर्धा के राम्हेपुर स्थित NKJ एथेनॉल कंपनी पर दोहरी मुसीबत आई है. यहां पहले प्रशासन ने जिले के दोनों शक्कर कारखाने के मोलेसेस की 24 करोड़ रुपए राशि वसूली को लेकर प्लांट को कुर्की का नोटिस दिया था. इस केस में प्रशास ने 30 मई की डेडलाइन दी थी. अब इस ऐथेनॉल प्लांट के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है. अमानक खाद की वजह से भारतीय किसान संघ के किसानों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. उसके बाद एनकेजे एथेनॉल प्लांट का घेराव किया. प्लांट के गेट में ताला जड़ कर एथेनॉल प्लांट द्वारा निर्मित पोटास खाद से किसानों की क्षति को लेकर आवाज बुलंद की. इसके साथ ही शुगर फैक्ट्री के मोलेसेस के भुगतान सहित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा.
एथेनॉल प्लांट के मालिक द्वारा जिले के दोनों शक्कर कारखाना के मोलेसेस का 19 करोड़ बकाया राशि भुगतान नहीं कर रहा है. जिसके कारण शक्कर कारखाना गन्ना किसानों की राशि का भुगतान नहीं कर रहें हैं. इसके अलावा एथेनॉल प्लांट में तैयार होने वाला पोटास खाद 14 प्रतिशत मानक होना चाहिए. जो 1 से 3 प्रतिशत ही है. जिसके कारण किसानों की फसल बर्बाद हो गई है. ऐसे में किसानों की क्षति पूर्ति राशि उन्हें दी जाए. इसे लेकर ज्ञापन सौंपा गया है.- डोमन चन्द्रवंशी, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ
किसानों की प्रमुख मांगें: इस बाबत किसानों ने अपनी मांगे मीडिया के सामने रखी है. जो इस प्रकार है.
कारखाने के द्वारा किसानों को बेचे गये इथेनाल कंपनी के फर्जी पोटास की राशि किसानों को लौटाई जाए
जब तक एनकेजे बायोफ्यूस (एथेनाल कंपनी) के द्वारा लंबित 19 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया जाता है. तब तक उसे किसी भी प्रकार का माल नहीं दिया जाए.
कारखाने के घाटे में जाने का मुख्य कारण नागरिक आपूर्ति निगम दुवारा कारखाने से लिये शुगर का बाजार भाव से कम दर पर भुगतान किया जाना है. अत: नान को अगले महीने से बाजार भाव पर हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से शक्कर दिया जाए.
किसानों को कारखाने का शेयर प्रमाणपत्र शीघ्र बांटा जाए.
अगले महीने तक किसानों को अतिरिक्त शक्कर रिकवरी के लिये देय राशि का भुगतान किया जाए.
कारखाने के मेंटनेंस का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाय. जिससे कि अगले पेराई में दिक्कत न हो.
जिला प्रशासन की क्या है दलील?: इस पूरे मसले पर जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार राजक्षी पांडेय ने कहा है कि किसान संघ ने गन्ना राशि भुगतान की मांग को लेकर एथेनॉल प्लांट के सामने विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा है. किसानों की जो मांगें हैं इसपर विचार किया जाएगा. एथेनॉल प्लांट से राशि वसूली को लेकर नोटिस दिया गया है. यह केस अभी कोर्ट में प्रक्रियाधीन है.
