नई दिल्ली:– जहर खाने के बाद किसी भी इंसान की मौत जहर की किस्म पर निर्भर करती है. जहर कौन सा है और यह कितनी देर पहले खाया गया है. क्योंकि कुछ जहर कम विषैले होते हैं और कुछ ज्यादा जहरीले होते हैं.
नींद की गोलियां, टैबलेट या फिर कैप्सूल जैसे जहर सीधे पेट में जाते हैं और उनका असर थोड़ी देर में होता है. लेकिन चूहे मारने की दवा, फिनाइल या फिर कपूर की गोलियां बहुत खतरनाक साबित होती हैं.
अग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से असर दिखाई देना शुरू हो जाता है. जहर मौत का कारण तब बनता है, जब कोई इसे ज्यादा मात्रा में खा लेता है. ऐसे में पीड़ित को बचाने के लिए प्राथमिक उपाय जरूरी है.
जो जहर ज्यादा विषैले नहीं होते हैं, उनको खाने के बात तो आमतौर पर मरीज उल्टी कर देता है, लेकिन अगर वो उल्टी नहीं कर रहा है तो उसे उल्टी कराना जरूरी है.
इसके लिए मरीज को सबसे पहले थोडे से सरसों के बीज पानी में पीसकर मिला दें और चम्मच से उसको मुंह में खिलाएं. इसके कुछ देर के बाद ही मरीज उल्टी कर देगा.
अगर सरसों न हो तो एक गिलास पानी में एक मुट्ठी नमक मिलाकर उसे पिला दें, इससे भी मरीज कुछ देर में उल्टी करने लगता है.
डॉक्टर्स की मानें तो अगर उस शख्स को तब तक उल्टी नहीं करानी चाहिए, जब तक डॉक्टर ऐसा करने के लिए न कहें. अगर वो शख्स खुद से उल्टी कर दे तो उसके मुंह को साफ करने की कोशिश करें और तुरंत नजदीकी डॉक्टर के पास लेकर जाएं.
