नई दिल्ली:– हमारे देश में हर साल लाखों लोग इनकम टैक्स भरते हैं, लेकिन कई बार लोग तारीखें भूल जाते हैं या बदलाव की खबर समय रहते नहीं मिलती। ऐसे में पेनल्टी लगना आम बात है। हाल ही में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स भरने की अंतिम तारीख में बदलाव किया है। यह खबर नौकरीपेशा, व्यवसायी, रिटायर्ड, और छोटे व्यापारियों के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि टैक्स से जुड़े हर नियम आपके पैसों को सीधा प्रभावित करते हैं। खुद मैंने भी एक बार डेडलाइन मिस कर दी थी, जिसकी वजह से बेवजह पेनल्टी भरनी पड़ी थी। इसलिए यह जानकारी हर टैक्सपेयर के लिए न सिर्फ जरूरी, बल्कि फायदेमंद भी है। चलिए, विस्तार से जानते हैं कि इनकम टैक्स की नई डेडलाइन क्या है, किन-किन लोगों को इसका फायदा मिलेगा और क्या सावधानियां रखनी चाहिए।
इनकम टैक्स भरने की नई डेडलाइन क्या है?
सरकार ने इस साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन में बदलाव किया है। आमतौर पर ITR फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई होती है, लेकिन इस बार कुछ खास परिस्थितियों को देखते हुए तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। यह बदलाव उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जो समय की कमी या डॉक्युमेंट्स में गड़बड़ी के कारण रिटर्न समय पर फाइल नहीं कर पाते।
अब नई डेडलाइन 31 अगस्त 2025 कर दी गई है।
यह डेडलाइन सभी इंडिविजुअल टैक्सपेयर और छोटे व्यापारियों पर लागू होगी।
कंपनियों और ऑडिट के दायरे में आने वालों की तारीख अलग हो सकती है।
इस बदलाव से लाखों लोग समय से ITR फाइल कर सकेंगे और पेनल्टी से बच सकेंगे।
कई लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर सरकार हर बार डेट क्यों आगे बढ़ाती है। इसका सबसे बड़ा कारण है लोगों को पर्याप्त समय देना ताकि वे अपने जरूरी कागजात इकट्ठा कर सकें और सही जानकारी के साथ रिटर्न फाइल करें।
पिछले साल भी कई राज्यों में बाढ़, कोविड, या दूसरी आपात स्थिति के चलते डेडलाइन बढ़ाई गई थी।
इस बार भी कई टैक्सपेयर को फॉर्म-16 मिलने में देरी हुई, जिससे बहुत से लोग समय पर रिटर्न नहीं भर पाए।
सरकार चाहती है कि सभी नागरिक सही और पारदर्शी तरीके से टैक्स भरें।
इनकम टैक्स की डेडलाइन मिस करने पर क्या होता है?
यह जानना बहुत जरूरी है कि अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न की आखिरी तारीख मिस कर देते हैं तो आपके ऊपर क्या असर होगा। मैंने खुद यह गलती की थी और मुझे उसका खामियाजा भुगतना पड़ा था।
लेट फीस लगती है – 5,000 रुपये तक पेनल्टी (कुछ मामलों में 1,000 रुपये)
अगर रिफंड बनता है, तो उसकी प्रोसेसिंग में देरी हो जाती है।
लगातार डेडलाइन मिस करने पर नोटिस और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
बैंक लोन, वीजा या सरकारी योजनाओं में दिक्कत आ सकती है।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आसान प्रक्रिया
आज के समय में ऑनलाइन ITR फाइल करना बेहद आसान हो गया है। खुद मैंने पिछले साल ऑनलाइन पोर्टल से ही रिटर्न फाइल किया था और पूरा प्रोसेस सिर्फ 30 मिनट में हो गया था।
सबसे पहले incometax.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
लॉगिन करें या नया रजिस्ट्रेशन करें।
‘e-File’ सेक्शन में जाकर ‘Income Tax Return’ विकल्प चुनें।
अपना असेसमेंट ईयर, फॉर्म टाइप (जैसे ITR-1, ITR-2), और बाकी डिटेल भरें।
डोक्युमेंट्स जैसे फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट, PAN कार्ड, आधार कार्ड पास में रखें।
सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें।
नई डेडलाइन से किसे सबसे ज्यादा फायदा?
इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो नौकरी या बिजनेस के साथ-साथ अन्य इनकम जैसे FD, शेयर, या प्रॉपर्टी रेंट से भी कमाई करते हैं।
इनकम टैक्स भरते समय कई लोग छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे बाद में परेशानी हो सकती है। मैंने अपने एक दोस्त का केस देखा, जिसने गलत IFSC कोड डाल दिया था, और उसका रिफंड महीनों अटका रहा।
सही डॉक्युमेंट्स और अकाउंट डिटेल्स भरें।
ITR फॉर्म टाइप सही चुनें।
बैंक अकाउंट एक्टिव और PAN से लिंक होना चाहिए।
आधार और PAN में नाम व जन्मतिथि एक जैसी हो।
अगर रिफंड बनता है, तो समय से चेक करें कि बैंक में पैसे आए या नहीं।
रियल लाइफ एक्जाम्पल – आम लोगों की कहानी
मेरे पड़ोसी शर्मा जी नौकरीपेशा हैं और उनका रिटर्न हर बार सीए फाइल करता है। एक बार सीए ने गलत डेट में फाइलिंग कर दी, जिससे 5,000 रुपये की पेनल्टी लग गई। वही, मेरी मौसी ने पिछले साल पहली बार खुद ऑनलाइन रिटर्न फाइल किया, उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई और समय से रिफंड भी मिल गया। इससे साफ है कि थोड़ा ध्यान और समय देने से आप न सिर्फ समय पर टैक्स भर सकते हैं बल्कि पेनल्टी और टेंशन से भी बच सकते हैं।
कब फाइल करें और किन बातों का रखें ध्यान
जितना जल्दी फाइल करेंगे, उतना ही अच्छा है।
डॉक्युमेंट्स पहले से तैयार रखें।
किसी भी जानकारी की पुष्टि खुद करें।
गलतियां होने पर तुरंत सुधारें।
इनकम टैक्स भरना सिर्फ कानूनी जरूरत नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। नई डेडलाइन के साथ सरकार ने आपको एक और मौका दिया है, समय पर टैक्स फाइल करें और सभी बेफिजूल की पेनल्टी, फाइन और तनाव से बचें। याद रखिए, टैक्स सही समय पर भरना न सिर्फ देश की तरक्की के लिए जरूरी है, बल्कि आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग का अहम हिस्सा भी है। अगर आप समय पर रिटर्न भरते हैं तो बैंक लोन, वीजा, सरकारी योजनाओं में भी आसानी होती है। मैंने खुद भी हमेशा कोशिश की है कि हर बार रिटर्न आखिरी तारीख से पहले भर दूं, जिससे न कोई टेंशन हो, न पेनल्टी लगे।
