नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) को भारत के वित्तबाजार की नियमन व्यवस्थाओं को उभरती नयी वित्तीय तकनीकों के अनुरूप विश्वस्तरीय रखने का आह्वान करते हुए शुक्रवार को कहा कि आज देश की स्टार्टअप कंपनियां फिनटेक के क्षेत्र में विश्व चैम्पियन बन कर उभर रही है और उन्हें अनुकूल नियामकीय परिवेश मिलना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने हाल के कठिन दौर में अर्थव्यवस्था को संभालने में सरकार की मदद के लिए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास और उनकी टीम को बधाई भी दी।
श्री मोदी ने आज भारतीय रिजर्व बैंक की दो अभिनव सुविधाओं का उद्घाटन किया जिनमें एक के जरिए अब आम आदमी भी केंद्रीय बैंक से सीधे सरकारी बांड खरीद कर अपना पैसा उसमें निवेश कर सकेगा। दूसरी सुविधा पूरे देश के लिए आरबीआई की एकीकृत लोकपाल योजना है। इसके तहत ग्राहक कहीं से एक ही स्थान पर डिजिटल माध्यम से बैंकिंग सेवाओं के बारे में अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
श्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इन योजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि पिछले सात वर्ष में भारत में डिजिटल लेनदेन में 19 गुना उछाल आया है। उन्होंने वित्तीय बाजार के विनियामक से भारत को दुनिया में निवेश के सबसे अच्छे और भरोसे मंद स्थान के रूप में विकसित करने के यत्न करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “आज फिनटेक के क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप कंपनियां विश्व चैम्पियन बन रही है। उन्हें अनुकूल नियामकीय व्यवस्था का समर्थन मिलना चाहिए। भारत को दुनिया निवेश के लिए दुनिया के सबसे भारोमंद स्थान के रूप में विकसित करने के कदम उठाए जाने चाहिए। रिजर्व बैंक इस दिशा में पहले से काम करता रहा है और मुझे विश्वावस है कि आगे यह इस दिशा में और भी कदम उठाएगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा , “मुझे बताया गया है कि रिजर्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना में बड़े स्तर पर डिजिटल निगरानी तंत्र का इस्तेमाल किया जाएगा, ऑनलाइन धोखाधड़ी की तेजी से जांच करने में मदद मिलेगी।” उन्होंने कहा कि आरबीआई की रिजर्व बैंक की खुदरा प्रत्यक्ष योजना के मध्यम वर्ग, व्यापार करने वाले, सेवानिवृत्त लोगों तथा छोटी छोटी बचन करने वालों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में सुरक्षित और भरोसेमंद प्रतिफल वाले निवेश का सीधा अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्हें अभी पेंशन फंड या म्युवलफंड योजनाओं का सहारा लेना पड़ता था। यह सुविधा ऑनलाइन है। इससे लोगों को आसानी होगी।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और श्री दास भी उपस्थित रहें। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि आरबीआई खुदरा सुविधा से सरकारी बांड के बाजार का विस्तार होगा।
आरबीआई खुदरा प्रत्यक्ष योजना का उद्देश्य है कि सरकारी प्रतिभूति बाजार में खुदरा निवेशकों की पहुंच बढ़ायी जाये। इसके तहत खुदरा निवेशकों के लिये केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी प्रतिभूतियों में सीधे निवेश करने का रास्ता खुल जायेगा। निवेशक आरबीआई के हवाले से ऑनलाइन सरकारी प्रतिभूति खाते आसानी से खोल सकते हैं और उन प्रतिभूतियों का रख-रखाव कर सकते हैं। यह सेवा नि:शुल्क होगी।
आरबीआई- एकीकृत लोकपाल योजना का उद्देश्य है कि शिकायतों को दूर करने वाली प्रणाली में और सुधार लाया जाये, ताकि संस्थाओं के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिये आरबीआई नियम बना सके। इस योजना की केंद्रीय विषयवस्तु ‘एक राष्ट्र-एक लोकपाल’ की अवधारणा पर आधारित है। इसके तहत एक पोर्टल, एक ई-मेल और एक पता होगा, जहां ग्राहक अपनी शिकायतें दायर कर सकते हैं। ग्राहक एक ही स्थान पर अपनी शिकायतें दे सकते हैं, दस्तावेज जमा कर सकते हैं, अपनी शिकायतों-दस्तावेजों की स्थिति जान सकते हैं और फीडबैक दे सकते हैं। बहुभाषी टोल-फ्री नंबर भी दिया जायेगा, जो शिकायतों का समाधान करने तथा शिकायतें दायर करने के बारे में सभी जरूरी जानकारियां प्रदान करेंगे।