छत्तीसगढ़ :– राजनांदगांव जिले ने जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जल मिशन कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिले को दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। कलेक्टर जितेंद्र यादव और जिला पंचायत की सीईओ सुरूचि सिंह ने यह सम्मान ग्रहण किया।
ईस्ट जोन का सर्वश्रेष्ठ जिला बना राजनांदगांव
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में कई चरणों के निरीक्षण, मूल्यांकन और प्रस्तुतीकरण के बाद राजनांदगांव को ईस्ट जोन का बेस्ट जिला चुना गया। जल संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
मिशन जल रक्षा: 2022 से लगातार मिल रही सफलता
जिले की इस उपलब्धि के पीछे वर्ष 2022 में शुरू किए गए मिशन जल रक्षा – नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान की अहम भूमिका रही। इस अभियान में महिलाओं, सामाजिक संस्थाओं, उद्योगपतियों और आम नागरिकों ने मिलकर बड़े पैमाने पर भागीदारी की। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के तीन विकासखंड पहले सेमी-क्रिटिकल जोन में थे, जहां तेजी से गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए व्यापक रणनीति अपनाई गई।
भू-जल रिचार्ज के लिए अपनाए गए तकनीकी नवाचार
जिले ने भू-जल रिचार्ज के लिए कई सराहनीय तकनीकी उपाय अपनाए, जिनमें शामिल हैं—
सॉफ्ट बोरवेल और सैंड फिल्टर तकनीक के माध्यम से असफल बोरवेल का रिचार्ज
परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल बनाकर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल तक पहुंचाना
नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण
पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण निर्माण
सभी संरचनाओं का निरंतर संधारण और GIS आधारित योजना निर्माण
इन सभी कार्यों में 70% से अधिक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी दर्ज की गई, जो अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनी।
राजनांदगांव बना जल संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल
तकनीकी नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और सुविचारित रणनीति के चलते राजनांदगांव आज देशभर में जल संरक्षण का एक मॉडल जिला बनकर उभरा है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो बड़े पुरस्कार न केवल जिले की उपलब्धि हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य की भी बड़ी सफलता मानी जा रही है।
