छत्तीसगढ़ :– राजधानी रायपुर इस समय देश के सबसे बड़े पुलिस सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी में जुटा है। 26 और 27 नवंबर को होने वाली DGP-IG कॉन्फ्रेंस में देशभर के लगभग 550 शीर्ष पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। आयोजन को लेकर प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है और पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को प्राथमिकता, IIM छात्रों को भेजा घर
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियाँ बेहद सतर्क हैं। इसी कारण IIM रायपुर के करीब 750 छात्रों को सात दिनों की छुट्टी दे दी गई है। संस्थान को आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत खाली कराना पड़ा है, जिसके बाद छात्र अपने-अपने घर लौट रहे हैं।
सुरक्षा के लिए तैनात होंगी कई कंपनियाँ, कड़ा पहरा
राजधानी में आने वाले अधिकारियों के ठहरने और आवागमन को सुरक्षित रखने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल की 5 कंपनियाँ तैनात की जाएँगी।सम्मेलन स्थल पर सीआरपीएफ और आईबी की टीम तैनात रहेगी। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी संभालेगी। केंद्रीय फोर्स सहयोगी की भूमिका में लगातार मौजूद रहेगी। 28 से 30 नवंबर तक पूरे आयोजन स्थल को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया जाएगा।
आज रायपुर पहुँचेगी एसपीजी टीम, करेगी विस्तृत जांच
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के आगमन से पहले एसपीजी टीम आज, 25 नवंबर को रायपुर पहुँचेगी। यह टीम एयरपोर्ट से लेकर सम्मेलन स्थल, होटल, BJP कार्यालय और संभावित रूट्स की सुरक्षा समीक्षा करेगी। हर जगह सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा।
