पश्चिम बंगाल :– विधानसभा चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर जबरदस्त राजनीतिक हलचल मची है। चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए SIR चला रहा है, और बंगाल में इसके सही क्रियान्वयन के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। लेकिन यहां इस प्रक्रिया पर बड़ा विवाद छिड़ गया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC लगातार SIR का विरोध कर रहे हैं और चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। इसी बीच बांग्लादेश बॉर्डर पर लोगों की अवैध आवाजाही और एशिया के सबसे बड़े रेड-लाइट एरिया सोनागाछी में भगदड़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। सेक्स वर्कर्स में SIR को लेकर डर और भ्रम बढ़ा, जिसके बाद कई एनजीओ ने शिकायतें भेजीं।
चुनाव आयोग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए 2 और 3 दिसंबर को सोनागाछी सहित कई इलाकों में स्पेशल कैंप लगाने का फैसला किया, ताकि वहां रहने वाली महिलाओं को फॉर्म भरने और प्रक्रियाओं में आ रही दिक्कतों से राहत मिल सके। CEO मनोज अग्रवाल स्वयं किसी कैंप का निरीक्षण कर सकते हैं। आयोग ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करें।
दूसरी ओर, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने SIR में व्यापक गड़बड़ी, प्रशासनिक हस्तक्षेप और धीमी प्रक्रिया का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
