नई दिल्ली:– इंडिगो संकट के बीच यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ने एक एडवायजरी जारी करते हुए बताया है कि इंडिगो की उड़ान सेवाएं अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रही हैं। जबकि एक दिन पहले एयरलाइन ने सिर्फ दिल्ली से ही लगभग 1,000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी थीं। एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा कि हालात अब सुधार की दिशा में बढ़ रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट स्टेटस ज़रूर चेक कर लें।
शुक्रवार को इंडिगो ने दिल्ली एयरपोर्ट से रात 12 बजे तक की सभी घरेलू उड़ानें रद्द कर दी थीं। एयरलाइन ने इसे अपनी अब तक की सबसे गंभीर परिस्थिति बताया था। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने वीडियो संदेश में कहा कि 5 दिसंबर को स्थिति सबसे बदतर थी और 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। उन्होंने यात्रियों से माफ़ी मांगते हुए कहा कि 10 से 15 दिसंबर के बीच ऑपरेशन पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को लेकर इंडिगो की क्रू मैनेजमेंट में बड़ी कमी रह गई, जिसके कारण इतनी बड़ी अव्यवस्था पैदा हुई। मंत्री ने बताया कि DGCA ने 1 नवंबर से नए नियम लागू किए थे, जिनका पालन एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी अन्य एयरलाइंस सही तरीके से कर रही हैं। उन्होंने कहा, “जो कुछ हुआ, वह इंडिगो टीम की मैनेजमेंट विफलता है। यात्रियों को राहत देने के लिए इंडिगो को फिलहाल अस्थायी छूट दी गई है।”
इंडिगो को क्या छूट मिली?
DGCA ने इंडिगो को पायलटों की नाइट ड्यूटी से जुड़े नए नियमों में एक बार की छूट दी है, जो 10 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 6:50 बजे के बीच की ड्यूटी पर लगी कड़ी पाबंदियों को कुछ समय के लिए हटाया गया है। पायलट की छुट्टी को साप्ताहिक आराम (वीकली रेस्ट) माना जाएगा। यह कदम इंडिगो में पायलटों की कमी और यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए उठाया गया है।
पायलट एसोसिएशन क्यों नाखुश?
एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA) ने DGCA के इस फैसले पर एतराज़ जताया है। उनका कहना है कि सुरक्षा नियमों में ढिलाई देना एक खतरनाक उदाहरण बन सकता है। इंडिगो देश के एयर ट्रैफिक में 63% हिस्सेदारी रखती है, और इतने बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री फंस गए। इस मुद्दे पर संसद में भी हंगामा हुआ।
केंद्र सरकार का निर्देश
केंद्र ने इंडिगो मैनेजमेंट को आदेश दिया है कि यात्रियों को तुरंत रिफंड दिया जाए और भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। लगातार उथल-पुथल के बाद इंडिगो के उड़ान संचालन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं, लेकिन पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
