नई दिल्ली:– एयरलाइन इंडिगो पर संकट गहराता ही जा रहा है। दिसंबर में ही 5000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द किया गया। हजारों यात्रियों के एयरपोर्ट पर फंसे रहने के बाद अब कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) एयरलाइन पर एंटीट्रस्ट जांच करने पर विचार कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह जांच यह पता लगाने के लिए हो सकती है कि क्या इंडिगो ने अपने बाजार में वर्चस्व का गलत इस्तेमाल किया और यात्रियों के लिए सेवाओं में बाधा डाली या उन्हें अनुचित शर्तें लगाईं। भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस संकट की व्यापक जांच का नेतृत्व कर रहा है।
देश में एयरलाइन इंडिगो को पायलटों के लिए लागू नए आराम नियमों को सही तरीके से लागू न कर पाने के कारण भारी क्रू शॉर्टेज का सामना करना पड़ा। इस वजह से दिसंबर के पहले हफ्तों में 5000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गईं। एयरलाइन को कुल 2422 कैप्टन्स की जरूरत थी, लेकिन उसके पास केवल 2357 थे।
शो-कॉज नोटिस
DGCA ने इंडिगो के सीईओ Pieter Elbers और सीओओ Isidre Porqueras को नोटिस भेजा था और 24 घंटे में जवाब देने को कहा था। लेकिन एयरलाइन ने कहा कि उनका नेटवर्क बहुत बड़ा और पेचीदा है, इसलिए तुरंत जवाब देना मुश्किल है। इसलिए उन्होंने DGCA से 15 दिन का समय मांगा, जो नियमों के तहत सही है।
