नई दिल्ली:– पौष मास शुरू हो गया है। इस महीने में भगवान सूर्य और तुलसी की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन एकादशी के दिन जो तुलसी जी के सामने दिया जलाता है, उस पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। इस बार सफला एकादशी पर माता तुलसी की पूजा विशेष तौर पर करनी चाहिए। इस साल पौष मास की कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी 15 दिसंबर को हैं, इसके अलावा पुत्रदा एकादशी 30 दिसंबर को है, दोनों ही दिन मां तुलसी से जुड़े ये उपाय आपको लाभ देंगे। सफला एकादशी के दिन भगवान हरि को शंख के जल से स्नान कराकर तुलसी के पत्ते जरूर चढ़ाएं।
एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े ये उपाय कर देंगे मालामाल
पौष मास की कृष्ण पक्ष की ऐसा कहा जाता है कि ऐकादशी के लिए दिन तुलसी को जल ना दें, इस दिन तुलसी की मिट्टी का तिलक लगाना चाहिए, इससे श्रीहरि प्रसन्न होते हैं। माता तुलसी की जड़ से थोड़ी सी सूखी तुलसी लेने से उसका तिलक करने से आपकी लाइफ में आने वाले नेगेटिविटी पॉजिटिविटी में बदल जाती है।
एकादशी का व्रत करने के बाद द्वादशी के दिन तुलसी और चावल का दान बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि एकादशी पर जिसके पास तुलसी ना हो, उसे तुलसी का पौधा दान में देना चाहिए और दक्षिणा के साथ चावल का दान भी करना चाहिए। इससे आपके घर में धन समृद्धि बनी रहती है।
तुलसी को तोड़ रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें
इस बात भी ध्यान रखें कि तुलसी को पूर्णिमा, अमावास्या, द्वादशी और सूर्य-संक्रान्ति के दिन बिल्कुल भी नहीं तोड़ना चाहिए। ये साफ बात पुराणों में लिखी है। इसके अलावा मध्याह्काल, रात्रि, दोनों संध्याओं के समय भी तुलसी को नहीं तोड़ना चाहिए। इसके अलावा अशौच के समय, तेल लगाकर, बिना नहाए-धोए अथवा रात के कपड़े पहने भी तुलसी को नहीं तोड़ना चाहिए। पुराणों में लिखा है कि जो मनुष्य तुलसी की पत्तों को इन अवस्थाओं और इन तिथियों पर तोड़ते हैं, वे मानो भगवान् श्रीहरिका मस्तक छेदन करते हैं। इसलिए हमें तुलसी को अशुद्ध अवस्था में और इन तिथियों पर भूलकर भी नहीं तोड़ना चाहिए।
