नई दिल्ली:– भारत की रसोई में खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए छोटी इलायची का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है। यह सिर्फ एक मसाला नहीं है बल्कि आयुर्वेदिक औषधि है। अक्सर लोग इसका इस्तेमाल माउथ फ्रेशनर के तौर पर करते हैं। लेकिन रोजाना इसका सही मात्रा में इस्तेमाल पुरानी शारीरिक समस्याओं को जड़ से खत्म कर सकता है।
आयुर्वेद में इलायची को मसालों की रानी कहा गया है। अगर इसे आप लगातार 15 दिनों तक रोज खाते हैं तो यह आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के साथ-साथ शरीर के विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकालने का काम करता है।
पाचन के लिए रामबाण
इलायची में मौजूद प्राकृतिक तेल पाचन प्रक्रिया को उत्तेजित करते हैं। अगर आप गैस, एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या से परेशान हैं तो खाने के बाद इलायची चबाना शुरू करें। 15 दिनों के भीतर आप महसूस करेंगे कि आपका डाइजेशन पहले से कहीं बेहतर हो गया है और पेट की भारीपन की समस्या खत्म हो रही है।
सांस की तकलीफ में राहत
इलायची में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह फेफड़ों के भीतर रक्त के संचार को बढ़ाती है जिससे अस्थमा, सर्दी-खांसी और साइनस जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यह बलगम को बाहर निकालने और श्वसन मार्ग को साफ करने में बेहद प्रभावी है।
ओरल हेल्थ
सांसों की दुर्गंध दूर करने के अलावा इलायची मुंह के छालों और संक्रमण से भी लड़ती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण किडनी और लिवर को डिटॉक्स करने का काम करते हैं। नियमित सेवन से रक्त शुद्ध होता है जिसका सीधा असर आपकी त्वचा की चमक पर भी दिखने लगता है।
कैसे करें सेवन
इलायची खाने का सबसे अच्छा तरीका है सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ दो इलायची को चबाकर खाना। आप इसे भोजन के बाद भी खा सकते हैं। लेकिन इसका ज्यादा मात्रा में सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए रोजाना 2 या 3 इलायची पर्याप्त है।
