नई दिल्ली:– सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ ने अवैध और अश्लील सामग्री के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। एलन मस्क ने स्पष्ट किया है कि चाहे यूजर खुद कंटेंट पोस्ट करे या Grok AI से बनवाए, नियमों का उल्लंघन करने पर अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। यह कदम भारत सरकार की कड़ी चेतावनी के बाद उठाया गया है।
सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भारत सरकार और ‘X’ के बीच तनातनी के बाद अब कंपनी ने झुकने के संकेत दिए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने 2 जनवरी को एलन मस्क के प्लेटफॉर्म को एक सख्त निर्देश जारी किया था, जिसमें अश्लील, आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट को तुरंत हटाने को कहा गया था। सरकार ने विशेष रूप से एआई टूल Grok द्वारा तैयार किए गए कंटेंट पर चिंता जताई थी और कंपनी से 72 घंटों के भीतर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) तलब की थी। इसी दबाव के बीच, ‘X’ ने अब अपनी नई और कठोर नीति का ऐलान किया है।
Grok AI और एलन मस्क की ‘पेन’ वाली दलील
अवैध कंटेंट के निर्माण को लेकर एलन मस्क ने एक दिलचस्प तर्क दिया है। उन्होंने कहा कि Grok AI एक उपकरण मात्र है और इसके गलत इस्तेमाल के लिए यूजर जिम्मेदार है। मस्क ने इसकी तुलना एक ‘पेन’ (Pen) से करते हुए कहा कि पेन यह तय नहीं करता कि क्या लिखा जाएगा, बल्कि उसे पकड़ने वाला व्यक्ति यह तय करता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जो कोई भी Grok का उपयोग करके अवैध कंटेंट बनाएगा, उसे वही नतीजे भुगतने होंगे जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने वालों को भुगतने पड़ते हैं।, यानी अब “AI ने बनाया” कहकर कोई भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं पाएगा।
बाल यौन शोषण और महिलाओं की सुरक्षा पर ‘जीरो टॉलरेंस’
‘X’ के ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स ने दोहराया है कि प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) समेत किसी भी अवैध कंटेंट के लिए कोई जगह नहीं है।, ऐसे मामलों में संबंधित अकाउंट्स को बिना किसी पूर्व सूचना के हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी सहित कई लोगों ने महिलाओं की फर्जी और अश्लील तस्वीरों को लेकर सरकार से शिकायत की थी, जो आईटी कानूनों का सीधा उल्लंघन है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह जरूरत पड़ने पर स्थानीय सरकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगी।
एडल्ट कंटेंट और भविष्य की रणनीति
हालांकि ‘X’ की नीति आपसी सहमति से बनाए गए ‘एडल्ट न्यूडिटी’ को अनुमति देती है, लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि उसे उचित तरीके से लेबल किया गया हो और वह प्रमुखता से प्रदर्शित न हो। डिजिटल दौर में AI टूल्स के बढ़ते खतरों को देखते हुए एलन मस्क का यह फैसला न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर एक नजीर पेश कर सकता है। अब यूजर्स की जवाबदेही तय होगी और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘X’ और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा।
