छत्तीसगढ़ :– शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री टंक राम वर्मा ने छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीते दो वर्षों में किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा सुधार और राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
उच्च शिक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मंत्री वर्मा ने बताया कि वर्ष 2023–24 में उच्च शिक्षा विभाग का बजट 1212.75 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2025–26 में 1822.75 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करते हुए प्रदेश में 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स और 108 जेनेरिक इलेक्टिव कोर्स तैयार किए गए हैं, जिससे छात्रों को कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा प्राप्त हो सके।
शिक्षक संवर्ग को मिला सशक्त आधार
उच्च शिक्षा विभाग में वर्ष 2025 के दौरान 366 सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्राध्यापक बनाया गया है। इसके साथ ही शासकीय महाविद्यालयों में 595 प्राध्यापक पदों पर सीधी भर्ती कर शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।
नए कॉलेजों से बढ़ा शैक्षणिक विस्तार
राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए 2024–25 और 2025–26 के दौरान 8 नए शासकीय एवं 11 नए अशासकीय महाविद्यालयों की शुरुआत की गई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
PM उषा योजना से विश्वविद्यालयों को सहयोग
पीएम ऊषा योजना के तहत प्रदेश के 3 विश्वविद्यालयों को 20–20 करोड़ रुपये और 13 महाविद्यालयों को 5–5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
आगामी तीन वर्षों का शिक्षा रोडमैप
मंत्री वर्मा ने बताया कि GATI के तहत छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन योजना तैयार की गई है, जिसके लिए 2025–26 के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना और राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना शुरू की गई है।
राजस्व विभाग में प्रक्रियाओं का सरलीकरण
राजस्व विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि जमीन से जुड़े अधिकतर कार्य अब ऑनलाइन किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भूमि व्यपर्तन प्रक्रिया के लिए 2 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
प्रशासनिक मजबूती के लिए नए पद
राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 30 तहसीलदार और 15 नायब तहसीलदार के नए पदों को मंजूरी दी गई है। वहीं, पूर्व सरकार द्वारा बेची गई सरकारी जमीन की जांच भी जारी है।
अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण
अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से 5 डिसमिल से कम भूमि के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए तहसीलदारों को अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं।
स्वामित्व कार्ड और तकनीकी सशक्तिकरण
मंत्री वर्मा ने बताया कि अब तक 80 हजार हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए जा चुके हैं और 10 लाख लोगों तक स्वामित्व कार्ड पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में कंप्यूटर और प्रिंटर की सुविधा के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
किसानों को जल्द मिलेगी राहत
उन्होंने कहा कि किसान ऋण पुस्तिका को लेकर किसानों को होने वाली परेशानी का शीघ्र समाधान किया जाएगा। राजस्व विभाग के रिक्त पदों को भरने को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा चल रही है। मंत्री ने दावा किया कि बीते दो वर्षों में राजस्व विभाग में कई बड़े और जनहितकारी बदलाव किए गए हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।
