नई दिल्ली:– भारतीय रेल ने वर्ष 2026 को बदलाव के ऐतिहासिक वर्ष के रूप में चुनने का संकल्प लिया है। रेल भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तय हुआ कि ’52 Weeks, 52 Reforms’ के तहत हर सप्ताह एक ठोस सुधार जमीन पर उतारा जाएगा, जिससे सुरक्षा, तकनीक और यात्री अनुभव में आमूलचूल परिवर्तन आएगा।
भारतीय रेलवे ने सुरक्षा के मोर्चे पर पिछले दशक में ऐतिहासिक प्रगति की है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014-15 में जहां 135 गंभीर ट्रेन दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर महज 11 रह गई है, जो लगभग 90 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। अब रेलवे का लक्ष्य इस संख्या को सिंगल डिजिट (इकाई अंक) में लाना है। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। एआई सिस्टम के जरिए ट्रैक, कोच और इंजन की निरंतर निगरानी की जाएगी, जिससे संभावित खराबी का पहले ही अनुमान लगाकर हादसों को रोका जा सके।
52 हफ्ते-52 सुधार: हर कदम पर बदलाव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 2026 रेलवे के कायाकल्प का साल होगा। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सुधारों की यह प्रक्रिया केवल नीतियों तक सीमित नहीं रहेगी। प्रत्येक सप्ताह एक नया सुधार लागू किया जाएगा, जिसमें स्मार्ट मेंटेनेंस, प्रेडिक्टिव सेफ्टी और डिजिटल ऑपरेशंस शामिल होंगे। इसके साथ ही, रेल कर्मचारियों के लिए टैलेंट मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट के नवाचारपूर्ण तरीके अपनाए जाएंगे ताकि एक तकनीक-समर्थ मानवबल तैयार हो सके।
वंदे भारत स्लीपर-अमृत भारत एक्सप्रेस का तोहफा
यात्रियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण नई ट्रेनों का परिचालन होगा। 17 जनवरी 2026 को पहली वंदे भारत एक्सप्रेस (स्लीपर) का उद्घाटन किया जाएगा, जो मालदा टाउन, कामाख्या जंक्शन और हावड़ा जंक्शन के बीच चलेगी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन अपनी सेवाएं देगी। इसके अतिरिक्त, नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे में छह साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत भी की जाएगी, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। यात्रियों के खानपान, स्वच्छता और ऑनबोर्ड सेवाओं में भी सुधार को प्राथमिकता दी गई है।
नवाचार के लिए ‘टेक्नोलॉजी इनोवेशन पोर्टल’
रेलवे अब देश के युवाओं और स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ने के लिए एक नया प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है। इसके लिए एक टेक्नोलॉजी इनोवेशन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जिसके माध्यम से स्टार्टअप रेलवे की समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान पेश कर सकेंगे। यह पहल न केवल नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि रेलवे में निजी क्षेत्र की भागीदारी और दक्षता को भी बढ़ाएगी। रेलवे का यह नया स्वरूप सुरक्षित, स्मार्ट और पूरी तरह से यात्री-केंद्रित होने वाला है।
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे शुरू करेगा 6 साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि रेलवे 17 और 18 जनवरी 2026 से नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे क्षेत्र में 6 साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू करेगा। नए साल में रेल सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पहली ट्रेन संख्या 20603/20604 न्यू जलपाईगुड़ी से नागरकोइल के बीच चलेगी और वापसी में पुनः न्यू जलपाईगुड़ी आएगी। यह ट्रेन बालेश्वर, भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर, पालासा, विजियानगरम और विशाखापत्तनम होते हुए संचालित होगी।
दूसरी ट्रेन 20609/20610 न्यू जलपाईगुड़ी से तिरुचिरापल्ली के बीच चलेगी और फिर वापस न्यू जलपाईगुड़ी लौटेगी। इसका मार्ग भी पहली ट्रेन की तरह बालेश्वर, भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर, पालासा, विजियानगरम और विशाखापत्तनम से होकर जाएगा।
तीसरी ट्रेन 16597/16598 सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनल, बेंगलुरु से अलीपुरद्वार जंक्शन के बीच संचालित होगी और वापसी में बेंगलुरु लौटेगी। यह ट्रेन अनकापले, डुव्वाडा, पेंडुर्ति, कोट्टावलासा, विजियानगरम, पालासा, ब्रह्मपुर, भुवनेश्वर और बालेश्वर होते हुए चलेगी।
चौथी ट्रेन 16107/16108 ताम्ब्रम से सांतागाची के बीच चलेगी और फिर ताम्ब्रम लौटेगी। इसका मार्ग भी तीसरी ट्रेन के समान अनकापले, डुव्वाडा, पेंडुर्ति, कोट्टावलासा, विजियानगरम, पालासा, ब्रह्मपुर, भुवनेश्वर और बालेश्वर से होकर होगा।
पांचवीं ट्रेन 16523/16524 बेंगलुरु से बालुरघाट के बीच चलेगी और फिर बेंगलुरु वापस आएगी। इसका मार्ग भी तीसरी और चौथी ट्रेन की तरह अनकापले, डुव्वाडा, पेंडुर्ति, कोट्टावलासा, विजियानगरम, पालासा, ब्रह्मपुर, भुवनेश्वर और बालेश्वर से होकर जाएगा।
छठी और अंतिम ट्रेन 16223/16224 बेंगलुरु से राधिकापुर के बीच संचालित होगी और वापसी में बेंगलुरु लौटेगी। इस ट्रेन का मार्ग भी पांचवीं ट्रेन के समान अनकापले, डुव्वाडा, पेंडुर्ति, कोट्टावलासा, विजियानगरम, पालासा, ब्रह्मपुर, भुवनेश्वर और बालेश्वर से होकर होगा।
