छत्तीसगढ़:– शहर के कई हिस्सों में पीने के पानी में कीड़े निकलने की शिकायतों के बीच नगर निगम पानी की टंकियों की सफाई में जुटा हुआ है। जबकि अबतक शिकायत वाले क्षेत्रों में गड़बड़ी पकड़ी नहीं जा सकी है। इधर, बताया जा रहा है कि बुधवार को टांका घर में 40 लाख लीटर क्षमता वाली टंकी की सफाई में पानी में कीड़े मिले हैं।
दूसरी ओर टंकी की सफाई के चलते शहर के बड़े हिस्से में जलापूर्ति बाधित रही। शहर में दूषित जल एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। महापौर मधुसूदन यादव स्वयं वार्डों का दौरा कर शिकायत सुन रहे हैं।
ममता नगर, लेबर कॉलोनी, सहदेव नगर, बसंतपुर, बांसपाई पारा सहित कुछ अन्य इलाकों में यह शिकायत सामने आई है। जल विभाग पाइपलाइन की जांच कर रहा है, लेकिन अब तक इस खामी को पकड़ा नहीं जा सका है।
आज इन जगहों पर नहीं होगी पानी की सप्लाई
आज नगर निगम द्वारा टांकाघर स्थित नई आरसीसी टंकी (क्षमता 15.00 लाख लीटर) की सफाई का कार्य किया जाना है। इसके चलते गुरुवार की शाम टांकापारा, जीई. रोड, पुराना सिविल लाइन, सारंगपानी चाल, बल्देवबाग, पुराना रेस्ट हाउस, स्टेशनपारा वार्ड नं. 14 में पेयजल सप्लाई बाधित रहेगी।
निकायों को पेयजल की जांच करने निर्देश
उल्लेखनीय है कि इंदौर में दूषित पेयजल की आपूर्ति को लेकर मचे हाहाकार के बाद प्रदेश में भी पेयजल आपूर्ति को लेकर शासन अलर्ट हो गया है। सभी नगरीय निकायों को पेयजल की जांच करने निर्देश दिए गए हैं।
नगरीय प्रशासन विभाग को करीब पांच माह पहले 14 नगर निगमों के 147 वार्डों में दूषित पानी की शिकायत मिली थीं। शासन ने कार्ययोजना तैयार कर शिकायतों को दूर करने के निर्देश दिए थे। इंदौर की घटना को देखते हुए शासन ने निकायों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी हैं।
92 नगरीय निकायों से डेटा मांगा गया था
विभागीय सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के सभी 192 नगरीय निकायों से उन क्षेत्रों का डेटा मांगा गया था, जहां गर्मी के दिनों में पाइपलाइन सूख जाती है या पानी दूषित आता है। रायपुर के 21, बिलासपुर के आठ, चरोदा के 14, रिसाली के 13, भिलाई के 23 और दुर्ग के पांच वार्डों में दूषित पानी की शिकायत मिली थी।
इन क्षेत्रों में करीब 208.57 किमी लंबी पाइपलाइन के विस्तार और सुधार का लक्ष्य रखा गया था। शासन ने इसे दिसंबर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया था।
