नई दिल्ली:– भारतीय सेना ने लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए खास हमलावर ड्रोन खरीदा है। भारतीय सेना ने बेलारूस में बने बर्कुट-बीएम अटैक ड्रोन को अपने बेड़े में शामिल किया है। यह ड्रोन दुश्मन के इलाके में भीतर तक घुसकर हमला करने में बेहद सक्षम है। बर्कुट-बीएम सेना के हाई लेवल मिशनों को अंजाम दे सकता है। इसके मुख्य मिशनों में दुश्मन की हवाई सुरक्षा प्रणाली को तबाह करना, तोपखाने की चेन को नष्ट करना और अचानक हमला कर दुश्मन के कमांड एंड कंट्रोल इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देना शुमार है।
बर्कुट-बीएम को खासकर हमलावर ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है। इसे दुश्मन की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) बैटरी, मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) और लॉजिस्टिक्स नोड्स पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सैनिकों को अनावश्यक जोखिम लेने से बचाया जा सकता है।
45 मिनट तक रह सकता है हवा
बर्कुट-बीएम पारंपरिक प्रोपेलर चालित लोइटरिंग म्यूनिशन्स से अलग है। ट्विन टेल बूम के बीच लगे कॉम्पैक्ट टर्बोजेट इंजन से चलने वाला यह ड्रोन 500 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हमला करने की ताकत रखता है। बर्कुट-बीएम अटैक ड्रोन की स्पीड दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को रिएक्ट करने को बहुत कम समय देती है। इसकी ऑपरेशनल रेंज 180 किलोमीटर तक है। यह 45 मिनट तक हवा में रह सकता है।
सोलर पॉवर से चलने वाला जासूसी ड्रोन भी
सेना देश की हजारों किलोमीटर लंबी सीमा की निगरानी के लिए सोलर पावर से चलने वाले खास जासूसी ड्रोन की तैनाती करने जा रही है। ऐसा पहली बार हो रहा, जब सशस्त्र बल सोलर पावर से चलने वाले सर्विलांस ड्रोन की तैनाती कर रहे हैं। सोलर पावर से चलने वाले मानवरहित एरियल सिस्टम के लिए सेना ने 168 करोड़ के ऑर्डर दिए हैं। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज ने यह मीडियम एल्टीट्यूड पर्सिस्टेंट सर्विलांस सिस्टम बनाए हैं।
विशाल सीमाओं की निगरानी में होगी आसानी
इस खास ड्रोन की मदद से दूर-दराज के इलाकों में देश की विशाल सीमाओं की निगरानी आसान हो जाएगी। यह खास ड्रोन 26000 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगातार 24 घंटे से ज्यादा समय तक उड़ान भर सकता है।
