छत्तीसगढ़ :– राजधानी स्थित शहीद वीरनारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 23 जनवरी को होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 मुकाबले को लेकर इस बार दर्शकों का उत्साह फीका नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिन टिकटों पर मुनाफाखोरों ने मोटी कमाई की उम्मीद लगाई थी, वही अब उनके लिए सिरदर्द बन गए हैं।पिछले वनडे मैच में जहां महज 15 मिनट के भीतर 48 हजार टिकट बिक गए थे, वहीं इस बार टी-20 मैच की टिकट बुकिंग शुरू हुए चार दिन बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में टिकट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। यही वजह है कि टिकटों की कालाबाजारी का पूरा गणित इस बार बिगड़ गया है।
दलालों का दांव उल्टा लाखों के नुकसान की आशंका:
पिछले मैचों के अनुभव के आधार पर दलालों ने बुकिंग शुरू होते ही हजारों टिकट थोक में खरीद लिए थे। उनका अनुमान था कि मैच नजदीक आते ही टिकटों की मांग बढ़ेगी और वे 5 से 10 गुना दाम पर टिकट बेच पाएंगे। लेकिन इस बार दर्शकों की रुचि कम रहने और ऑनलाइन टिकटों की भरपूर उपलब्धता ने उनकी सारी रणनीति चौपट कर दी। दलालों का कहना है कि यदि समय रहते टिकट नहीं बिके, तो उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी डर से अब वे सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं।:
सोशल मीडिया पर डिस्काउंट ऑफर फिर भी नहीं मिल रहे खरीदार:
टिकट खपाने के लिए दलाल फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स में लगातार पोस्ट और स्टोरी डाल रहे हैं। क्रिकेट से जुड़े हर पोस्ट के कमेंट बॉक्स में “टिकट उपलब्ध है” जैसे संदेश दिखाई दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जो टिकट पहले ब्लैक में महंगे दामों पर बेचे जाते थे, वही अब आधिकारिक रेट से कम कीमत पर ऑफर किए जा रहे हैं। कुछ दलाल तो साफ तौर पर यह कह रहे हैं कि “कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, जितने में टिकट ली है उतने में ही दे देंगे।”
चार दिन बाद भी हाउसफुल नहीं हुआ स्टेडियम:
टी-20 मैच की टिकट बुकिंग 15 जनवरी से शुरू हुई थी। चार दिन बीतने के बाद भी ticketgenie.in पर 2000 से 3500 रुपये की टिकट आसानी से उपलब्ध हैं। सूत्रों के अनुसार अब तक करीब 80 प्रतिशत टिकट ही बिक पाए हैं, जबकि लगभग 20 प्रतिशत सीटें अभी भी खाली हैं।
फिजिकल टिकट और लाइन से बचने का लालच भी बेअसर:
दलाल अब दर्शकों को फिजिकल टिकट का लालच भी दे रहे हैं। उनका तर्क है कि ऑनलाइन टिकट लेने पर काउंटर पर लंबी लाइन में लगना पड़ता है, जबकि वे सीधे हाथ में टिकट दे सकते हैं। कुछ दलाल तो तय कीमत से 100 रुपये कम में टिकट देने को भी तैयार हैं और मनचाहे स्टैंड की गारंटी दे रहे हैं। इसके बावजूद दर्शकों की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। नतीजतन, दलालों की बेचैनी बढ़ती जा रही है और उन्हें अपने निवेश के डूबने का डर सताने लगा है।
