नई दिल्ली :– मेट्रो में रोज हजारों लोग सफर करते हैं। यह शर्मनाक घटना का गवाह बनी है। एक अमेरिकी महिला का दावा है कि मेट्रो स्टेशन पर 16 साल के किशोर ने उसके साथ छेड़छाड़ की। सबसे चौंकाने वाली बात रही कि घटना के बाद उस लड़के की मां और बहन ने न केवल उल्टे विदेशी महिला को डांटा, बल्कि कहा कि वह किसी विदेशी महिला को करीब से पहली बार देखा, इसलिए बहक गया।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। महिलाओं ने विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। इस घटना का खुलासा अमेरिकी मूल के भारतीय प्रोफेसर गौरव सबनीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया। सबनीस न्यू जर्सी के स्टीवंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाते हैं। उन्होंने लिखा- बीते नवंबर में उनकी एक पूर्व छात्रा ने भारत यात्रा के लिए सलाह मांगी थी। वह एक दोस्त की शादी में शामिल होने दिल्ली जा रही थी। सबनीस ने उसे पहले चेतावनी दी थी कि दिल्ली में यौन उत्पीड़न का खतरा रहता है। विशेषकर गोरी महिलाओं के लिए।
मिली थी चेतावनी
उन्होंने लिखा, यहां आप सिर्फ एक ब्लॉन्ड हैं, लेकिन वहां आप टारगेट बन जाएंगी। दुर्भाग्य से उनकी चेतावनी सच साबित हुई। पीड़िता ने सबनीस को भेजे मैसेज में पूरी घटना बताई है। उसके अनुसार मेट्रो स्टेशन पर एक 14-16 साल का युवक अपनी मां और बहन के साथ था। उसने महिला से फोटो खिंचवाने की बात की। इस पर उस महिला ने सोचा कि परिवार के साथ है तो कोई खतरा नहीं है। उसने सहमति दे दी। मगर, फोटो लेने के दौरान लड़के ने पहले उसके कंधे पर हाथ रखा। फिर अचानक उसके ब्रेस्ट को दबा दिया। इसके बाद वह हंसते हुए मजाक जैसा व्यवहार करने लगा।
कॉलर पकड़कर दिया धक्का
महिला ने गुस्से में लड़के को कॉलर से पकड़कर धक्का दे दिया। इससे वह गिर पड़ा। इसके बाद लड़के की मां और बहन ने महिला पर भड़कना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वह ओवर रिएक्ट कर रही है। मां का दावा है कि उनका बेटा कभी करीब से ब्लॉन्ड महिला नहीं देखा था, जिस कारण बहक गया। महिला ने लिखा-कैसी परवरिश है यह? मैं आपके देश से प्यार करती थी, मगर अब कभी वापस नहीं आऊंगी, बल्कि पूरे साउथ एशिया को अवॉइड करूंगी। इस घटना ने सोशल मीडिया पर आक्रोश पैदा किया। कई यूजरों ने परिवार की इस सोच को निंदा की है। एक यूजर ने लिखा- दुखद बात है कि कुछ महिलाएं अपने राजा बेटों की हरकतों की बड़ी समर्थक होती हैं। यह खतरनाक होता है। वह उसे डांटने के बजाय बचाती हैं।
