नई दिल्ली:– शनिवार का दिन हिन्दू धर्म में शनिदेव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन कुछ वस्तुओं को खरीदना अशुभ माना जाता है, जिनमें सरसों का तेल प्रमुख है। कहते हैं कि शनिवार को सरसों का तेल खरीदने से शनिदेव नाराज हो सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को आर्थिक, स्वास्थ्य और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
लेकिन अगर गलती से तेल खरीद लिया गया है, तो अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, शनिवार को तेल खरीदना अशुभ होता है क्योंकि इस दिन तेल का दान और अर्पण करना शुभ माना गया है। मंदिरों में दीपक जलाना चाहते हैं तो घर से तेल लेकर जाएं, दुकान से तेल न खरीदें।
शनिवार को तेल खरीदने के नुकसान
शनिदेव का दुष्प्रभाव
अगर शनिवार को तेल खरीद लिया गया, तो शनिदेव का नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है। इससे मानसिक तनाव, पारिवारिक झगड़े और अप्रिय परिस्थितियां बढ़ सकती हैं।
आर्थिक और स्वास्थ्य परेशानियां
ज्योतिष अनुसार, शनिवार को तेल खरीदने से आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
घर में अशुभ ऊर्जा
तेल खरीदने से शनि का नकारात्मक प्रभाव घर में प्रवेश करता है। इससे परिवार में तनाव और दुर्भाग्य बढ़ सकता है।
अगर तेल खरीद लिया तो क्या करें?
शनिदेव को अर्पित करें
थोड़ा तेल शाम के समय दीपक में डालकर शनिदेव को अर्पित करें।
तेल का दान करें
खरीदे गए तेल का कुछ हिस्सा जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें।
दीपक जलाएं
शनिवार शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनि की पूजा करें।
मंत्र जाप करें
‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
बाकी तेल का इस्तेमाल
इन उपायों के बाद बचा हुआ तेल आप अपने घर में सामान्य उपयोग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस तरह शनिवार को सरसों का तेल न खरीदकर और अगर गलती हो जाए तो उपाय अपनाकर, आप शनिदेव के प्रकोप से बच सकते हैं और जीवन में सुख-शांति बनाए रख सकते हैं।
