नई दिल्ली:– महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार (66) अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार को बारामती में हुए एक भीषण चार्टर्ड विमान हादसे में उनके असामयिक निधन ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। आज नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार बारामती में संपन्न हुआ।
पुणे जिले के बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज के मैदान में आज एक युग का अंत हो गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख और ‘दादा’ के नाम से लोकप्रिय अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस कॉलेज की स्थापना खुद पवार परिवार ने की थी, जहां आज महाराष्ट्र के कोने-कोने से आए समर्थकों ने अपने नेता को अंतिम विदाई दी।
गृह मंत्री अमित शाह ने व्यक्त किया गहरा शोक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने और श्रद्धांजलि अर्पित करने बारामती पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी संवेदनाएं साझा कीं। शाह ने कहा, “अजित पवार जी का पूरा जीवन समाज और जनता की सेवा के लिए समर्पित था। उनके जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में जो शून्यता पैदा हुई है, उसे लंबे समय तक भरना संभव नहीं होगा।”
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
दुर्घटना उस वक्त हुई जब बुधवार को अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग का प्रयास कर रहा था। तकनीकी खराबी या खराब मौसम के कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने पवार सहित विमान में सवार पांच लोगों की जान ले ली। प्रशासन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
विकास पुरुष के रूप में याद किए जाएंगे ‘दादा’
अजित पवार को उनकी सख्त प्रशासनिक शैली और विकास कार्यों के प्रति उनके जुनून के लिए जाना जाता था। बारामती के कायाकल्प से लेकर राज्य की अर्थव्यवस्था को संभालने तक, उनकी भूमिका हमेशा निर्णायक रही। उनके निधन से न केवल उनकी पार्टी बल्कि महायुति गठबंधन और समूचे महाराष्ट्र को एक बड़ी राजनीतिक क्षति हुई है।
