रायपुर :– शुक्रवार को आंजनेय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय लोककला की विश्वविख्यात साधिका और छत्तीसगढ़ की गौरव स्वरूपा पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई से उनके निवास स्थान पर ससम्मान भेंट कर उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर अभिनंदित किया। यह अवसर विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गर्व और भावनात्मक महत्व का रहा।
इस प्रतिनिधिमंडल में माननीय कुलपति डॉ. टी. रामाराव, फिल्म मेकिंग विभाग के निदेशक प्रो. भगवान तिवारी, डीन एकेडमिक्स डॉ. हरीश शर्मा, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. रमेश कुमार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. प्रांजली गनी तथा श्री अंकित शुक्ला शामिल रहे।
डॉ. तीजन बाई का स्वास्थ्य इन दिनों थोड़ा नाजुक है, फिर भी उन्होंने अत्यंत स्नेहपूर्वक सभी से मुलाकात की और अपने सादगीपूर्ण व्यक्तित्व से सभी को अभिभूत किया। उनकी उपस्थिति मात्र ही प्रेरणा का स्रोत रही। उनके जीवन का संघर्ष, कला के प्रति समर्पण और पांडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने की उनकी साधना स्वयं में एक जीवंत संदेश है, जो किसी भी औपचारिक संवाद से कहीं अधिक प्रभावशाली है।
विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने उनके प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। यह भेंट भारतीय लोक परंपरा के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक रही। यह क्षण विश्वविद्यालय के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।
