नई दिल्ली:– नक्सलवाद के विरुद्ध चल रहे अभियान में भारत सरकार को बड़ी सफलता मिली है। केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई ताज़ा सूची के मुताबिक अब पूरे देश में केवल 6 जिले ही नक्सल प्रभावित बचे हैं। यह उपलब्धि नक्सल उन्मूलन की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम मानी जा रही है।
बस्तर संभाग के सिर्फ तीन जिले सूची में शामिल
नई सूची के अनुसार छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से अब केवल तीन जिले — सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर — ही नक्सल प्रभावित माने गए हैं। इनके अलावा छत्तीसगढ़ का गरियाबंद जिला भी इस सूची में शामिल है। शेष दो जिले अन्य राज्यों से हैं।
फाइनल ऑपरेशन के लिए 6 जिले चिन्हित
कुल छह जिलों को अब अंतिम और निर्णायक नक्सल विरोधी अभियान के लिए पूरी तरह चिन्हित कर लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इन क्षेत्रों में नक्सलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह शिकंजा कसने की रणनीति तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में यहां बड़े स्तर पर संयुक्त ऑपरेशन देखने को मिल सकते हैं।
सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर
आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर के शेष नक्सल प्रभावित जिलों को भी जल्द ही नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा। सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सभी केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों को सतर्क करते हुए एंटी-नक्सल ऑपरेशनों की गति तेज कर दी गई है।
विकास और निवेश की राह होगी आसान
बस्तर संभाग के अधिकतर जिलों के नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलने लगी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बस्तर में निवेश बढ़ेगा, बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा और सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी पर लौटेगा। केंद्र और राज्य सरकार की साझा रणनीति से अब नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की उम्मीद और भी प्रबल हो गई है।
