नई दिल्ली:– इस वर्ष दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण लगेंगे। 17 फरवरी को पहला सूर्यग्रहण और 12 अगस्त को दूसरा सूर्यग्रहण लगेगा, लेकिन दोनों भारत में दिखाई नहीं देंगे। इस कारण इनका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
इसके बाद होली के त्योहार पर खग्रास चंद्रग्रहण की छाया रहेगी। चंद्रग्रहण तीन मार्च को लगेगा और भारत में दिखाई देगा। इस कारण होलिका दहन के अगले दिन सूतक काल भी मान्य होगा। हालांकि होलिका दहन और होली खेलने पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
ज्योतिषाचार्य सुनील चौपड़ा के अनुसार, पहला चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक महत्व रहेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा शनि की राशि कुंभ में रहेगा, जिससे यह चंद्रग्रहण शनि की राशि में लगेगा।
तीन मार्च को चंद्रमा का छाया में प्रवेश दोपहर 2:15 बजे, स्पर्श 3:20 बजे, मध्य 5:54 बजे और मोक्ष 6:47 बजे होगा। यह हल्का ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा कुछ धुंधला दिखाई देगा। जहां ग्रहण दिखाई देगा, वहां सूतक काल लागू रहेगा। शास्त्रों के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले शुरू हो जाता है। ऐसे में सूतक सुबह 9:39 बजे से प्रभावी होगा। सूतक काल के दौरान शुभ कार्य, पूजा-पाठ और हवन नहीं करने चाहिए।
यह चंद्रग्रहण भारत सहित यूरोप, एशिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में देखा जा सकेगा।दूसरा चंद्रग्रहण 28 अगस्त को लगेगा, लेकिन वह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए उसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
होली पर नहीं पड़ेगा असर
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहण समाप्त होने के बाद त्योहार मनाने में कोई दोष नहीं है। इसलिए लोग होलिका दहन और होली का आनंद सामान्य रूप से ले सकते हैं।
