नई दिल्ली:– बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के प्रमुख तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही आम चुनाव के बाद सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई और कई महीनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता का अंत हो गया।
भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला विशेष रूप से ढाका पहुंचे और भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी मौजूदगी को भारत–बांग्लादेश संबंधों के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है।
13वीं राष्ट्रीय संसद के सदस्यों ने ली शपथ
मंगलवार, 17 फरवरी की सुबह बांग्लादेश की 13वीं राष्ट्रीय संसद के नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली। संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित इस समारोह में मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सुबह लगभग 10:42 बजे सांसदों को शपथ दिलाई। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, स्पीकर या डिप्टी स्पीकर की अनुपस्थिति में यह जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त निभाते हैं।
चुनाव परिणाम: BNP गठबंधन को स्पष्ट बहुमत
आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, BNP के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 297 सीटों में से 211 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया।
BNP: 209 सीटें
जमात-ए-इस्लामी: 68 सीटें
11 दलों के गठबंधन को कुल: 77 सीटें
7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को इस चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई थी।
BNP कैबिनेट: किसे मिला कौन सा मंत्रालय
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BNP कैबिनेट में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया है—
मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर – स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता
सलाहुद्दीन अहमद – गृह मंत्रालय
अमीर खसरू महमूद चौधरी – वित्त एवं योजना
मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद – मुक्ति युद्ध मामलों का मंत्रालय
खलीलुर रहमान – विदेश मंत्रालय
AZM ज़ाहिद हुसैन – महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण
शेख रबीउल आलम – सड़क परिवहन, रेलवे, शिपिंग और पुल मंत्रालय
सरदार एमडी सखावत हुसैन बकुल – स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
(अन्य मंत्रियों को भी अलग-अलग अहम विभाग सौंपे गए हैं)
नई सरकार से बढ़ीं उम्मीदें
तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। आने वाले दिनों में नई सरकार की नीतियां और फैसले बांग्लादेश की दिशा तय करेंगे।
