उत्तर प्रदेश :– अब केवल गन्ने और अनाज के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को चलाने वाली सिलिकॉन चिप के लिए भी जाना जाएगा। करीब 3706 करोड़ रुपये के निवेश के साथ स्थापित होने वाला यह प्लांट भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में सत्ता उनके पास थी जिनके पास तेल के भंडार थे, लेकिन 21वीं सदी में दुनिया की ताकत एक छोटी-सी चिप पर टिकी है। पीएम ने कहा कि भारत अब सॉफ्टवेयर के साथ-साथ हार्डवेयर के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करने को तैयार है। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने अब तक 10 सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी है, जिनमें से चार में बहुत जल्द उत्पादन शुरू होने वाला है।
यूपी की नई पहचान और ग्लोबल टैलेंट
पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर की तारीफ करते हुए कहा कि एचसीएल और फॉक्सकॉन की यह साझेदारी यूपी को टेक्नोलॉजी पावरहाउस के रूप में नई पहचान देगी। उन्होंने हाल ही में दिल्ली में संपन्न हुए ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट का जिक्र करते हुए बताया कि दुनिया अब भारत के टैलेंट और एआई विजन को अपना रही है। पीएम ने विरोधियों पर चुटकी लेते हुए कहा कि जब हमने मेक इन इंडिया शुरू किया था, तब लोग शंका करते थे, लेकिन आज यह दुनिया का एक सशक्त ब्रांड बन चुका है।
क्यों खास है यह प्लांट?
यह यूनिट न केवल हजारों युवाओं को रोजगार देगी, बल्कि मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स के लिए हमारी विदेशी निर्भरता को कम करेगी। यीडा क्षेत्र में इस प्लांट का आना यह साबित करता है कि उत्तर प्रदेश अब ग्लोबल टेक मैप पर एक अनिवार्य केंद्र बन चुका है।
मोदी ने देश को टेक्नॉलॉजी के रूप में किया विकसित
यूपी के सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने देश को टेक्नॉलॉजी के रूप में विकसित किया है। पिछली सरकारों में यूपी में गोलियां चलतीं और अपहरण होते थे। आम लोग सूर्यास्त के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। भारत सरकार नए विजन को आगे बढ़ाने का काम कर रही। पीएम मोदी की सकारात्मक भूमिका के कारण यूपी मोबाइल और इलेक्ट्रानिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। रेल मंत्री अश्वनी वैष्ण्व ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। सबसे पहला सेमीकंडक्टर प्लांट जेवर की भूमि में रख रहे। सेमीकंडक्टर फांउडेशन टेक्नॉलाजी है। सेमी कंडक्टर जिस देश में होता है, वहां कई तरह की मैन्यूफैक्चरिंग संभव होती है।
