नई दिल्ली:– केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च किया। इसमें पहली बार लोग जनगणना करने वाले कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने से पहले खुद से यानी सेल्फ एनुमरेशन पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन जनगणना के लिए फार्म में पूछे गए सवालों के जवाब भी भर सकेंगे। इसके बाद अधिकारी जब आपके घर पर आएंगे। वह उसे वेरीफाई करेंगे। सब कुछ सही निकलने पर उसे ओके कर दिया जाएगा।
जनगणना कर्मियों का बचेगा समय
इससे जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों का समय भी बचेगा और लोगों को भी पूछे गए सवालों के जवाब देने में आसानी होगी। स्व-गणना पोर्टल के तहत लोगों को जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा। जो की एक सेंट्रलाइज वेब-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने गुरुवार को केवल चार डिजिटल टूल्स का भी सॉफ्ट लांच नहीं किया। बल्कि उन्होंने इसके लिए शुभंकर भी लांच किए।
जनगणना में दिखेंगे ‘प्रगति’ और ‘विकास’
इसमें ‘प्रगति’ नाम महिलाओं के लिए और ‘विकास’ पुरुषों के लिए रखा गया है। यानी जनगणना कार्य में लगे महिला और पुरूषों को एक तरह से प्रगति और विकास के रूप में देखा जाएगा। यह दोनों शुभंकर 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं और पुरुषों की बराबर की भागीदारी के भी प्रतीक हैं। इन शुभंकरों के माध्यम से जनगणना से संबंधित जानकारी, उद्देश्य और प्रमुख संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी और जन-सुलभ रूप में पहुंचाए जाएंगे।
डिजिटल टूल्स में क्या है?
चार डिजिटल टूल्स में सीएमएमएस और स्व-गणना (SE) के अलावा दो हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब एप्लिकेशन और HLO मोबाइल एप्लिकेशन भी होगी। इनके तहत वेब-मैप एप्लिकेशन चार्ज अधिकारियों को उपग्रह तस्वीरों की सहायता से तकनीकी रूप से मकानों का रजिस्ट्रेशन करने, डेटा इकट्ठे करने और उन्हें अपलोड करने का काम किया जाएगा। यह 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा। इन्हें सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा बनाया गया है।
