नई दिल्ली:– आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले भारतीय टीम में एक बड़ा सवाल चर्चा का विषय बन गया है कि क्या न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले खिताबी मुकाबले में स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को प्लेइंग-11 में जगह मिलेगी या नहीं। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहद महंगा रहा, जहां उन्होंने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 4 ओवर में 64 रन लुटा दिए। नॉकआउट मुकाबलों में यह उनके सबसे महंगे स्पेल में से एक माना जा रहा है।
दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने शुरुआती चार मैचों में 9 विकेट लेकर विरोधी टीमों को काफी परेशान किया था और उनकी इकॉनमी भी काफी शानदार रही थी। लेकिन जैसे ही टूर्नामेंट सुपर-8 चरण में पहुंचा, उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली। सुपर-8 के बाद से अब तक उन्होंने सिर्फ 4 विकेट ही लिए हैं और उनकी इकॉनमी भी काफी बढ़ गई है।।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उनकी मिस्ट्री स्पिन को आसानी से पढ़ लिया और जमकर रन बनाए। यही वजह है कि फाइनल से पहले यह सवाल उठने लगा है कि टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले बड़े मुकाबले में कोई बदलाव कर सकती है या नहीं।
हालांकि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस मुद्दे पर साफ संकेत दिया है कि टीम मैनेजमेंट को वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है। अहमदाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे वरुण की फॉर्म के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि क्रिकेट एक टीम गेम है और टीम का पूरा भरोसा अभी भी वरुण पर बना हुआ है।।
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि टीम ने सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बनाई है और वरुण दुनिया के नंबर-1 गेंदबाजों में से एक हैं। उन्हें अच्छी तरह पता है कि टीम के लिए कैसे प्रदर्शन करना है। कप्तान ने यह भी कहा कि फाइनल के लिए प्लेइंग-11 में बदलाव होगा या नहीं, इसका फैसला मैच के दिन ही लिया जाएगा।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रुप स्टेज में वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन बेहद शानदार था। उन्होंने 4 मैचों में 9 विकेट लिए थे और उनकी औसत 6.88 रही थी, जबकि इकॉनमी रेट भी 5.16 के आसपास थी। लेकिन सुपर-8 के बाद स्थिति बदल गई। इस चरण के बाद खेले गए 4 मैचों में उन्होंने सिर्फ 4 विकेट लिए और उनकी औसत 46.50 तक पहुंच गई, जबकि इकॉनमी 11.62 हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म में गिरावट की एक बड़ी वजह यह भी है कि अब विरोधी टीमें उनकी गेंदों को बेहतर तरीके से पढ़ने लगी हैं। बल्लेबाज उनके स्पेल की शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे हैं, जिससे उन्हें रक्षात्मक गेंदबाजी करनी पड़ रही है। खासकर बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने उन्हें ज्यादा परेशान किया है।
अब सभी की नजरें रविवार को अहमदाबाद में होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया वरुण चक्रवर्ती पर भरोसा कायम रखती है या फिर प्लेइंग-11 में कोई बड़ा बदलाव करती है।
