नई दिल्ली:– भारत में जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल दिन की झुलसाने वाली गर्मी तक सीमित नहीं रह गया है। लगातार बढ़ती उमस, गर्म होती रातें और लंबा खिंचता गर्मी का मौसम देश की बड़ी आबादी के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
एक नए अध्ययन के मुताबिक देश के 57 प्रतिशत जिले अत्यधिक गर्मी के जोखिम का सामना कर रहे हैं, जहां भारत की करीब 76 प्रतिशत आबादी निवास करती है।
417 जिले हाई-रिस्क श्रेणी में
यह खुलासा काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) की रिपोर्ट ‘हाउ एक्सट्रीम हीट इज इंपेक्टिंग इंडिया: असेसिंग डिस्ट्रिक्ट-लेवल हीट रिस्क 2025’ में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार देश के 417 जिले हाई-रिस्क श्रेणी में हैं, जबकि 201 जिलों को मध्यम जोखिम वाला क्षेत्र माना गया है।
रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक पहलू यह बताया गया है कि गर्मी का खतरा अब केवल महानगरों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और केरल के कई ग्रामीण जिले भी तेज गर्मी और बढ़ती उमस के कारण गंभीर जोखिम का सामना कर रहे हैं।
स्वास्थ्य और जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका
इससे ग्रामीण आबादी, खेती और श्रमिक वर्ग पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में यह बढ़ोतरी आने वाले दिनों में लू और उमस की स्थिति को और गंभीर बना सकती है, जिससे स्वास्थ्य और जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका है।
ग्वालियर में अगले दो दिन चढ़ेगा पारा
ग्वालियर में मार्च का पहला सप्ताह खासा गर्म रहा है। हालांकि पिछले दो दिन से रात का तापमान 35.7 डिसे पर है। यानी दिन में शुक्रवार जितनी ही गर्मी शनिवार को भी रही। हालांकि रात के तापमान में 0.4 डिसे की हल्की गिरावट आई और तापमान 17.7 डिसे पर आया।
मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो आगामी पांच दिन तक अंचल में मौसम शुष्क व खुला रहेगा। राजस्थान में चलने वाली गर्म हवाओं से अंचल का मौसम भी आगामी दो-तीन दिन में और गर्म हो
सकता है और तापमान भी दो से तीन डिसे बढ़ सकता है।
नौ मार्च को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा,
इसके प्रभाव से तापमान में ही बढ़ोतरी होगी और हल्के बादल भी अंचल में आ सकते हैं। ठंड की विदाई के साथ ही एक मार्च से ही अंचल में मौसम काफी गर्म हो चुका है। तापमान अभी तक 35.7 डिसे पर पहुंच चुका है। यह तापमान सामान्य से 4.5 डिसे अधिक है।
मार्च में तापमान सामान्य से अधिक ही रहेगा
साथ ही रात का तापमान भी सामान्य से 3.3 डिसे अधिक चल रहा है। यानी दिन व रात दोनों ही गर्म हैं। इस बार मार्च में तापमान सामान्य से अधिक ही रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक तापमान बढ़ने की वजह से गर्मी बढ़ेगी और मार्च के महीने में ही मई की गर्मी जैसा एहसास होगा।
केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने राजस्थान में मार्च के दूसरे सप्ताह में ही हीटवेव चलने की संभावना व्यक्त की है। ऐसे में राजस्थान की हीटवेव का असर अंचल में आएगा तो आगामी दो से तीन दिन में अंचल में भी तपिश बढ़ जाएगी।
कूलर, पंखे और एसी भी चलने लगे दिन में
दिन में गर्मी बढ़ने से घरों व कार्यालयों में कूलर, पंखे व एसी भी चलना शुरू हो गए हैं। हालांकि कूलर व एसी कम चल रहे हैं, लेकिन पंखे हर जगह चलना शुरू हो गए हैं। साथ ही शहर की सड़कों पर नारियल पानी से लेकर शिकंजी व अन्य पेय पदार्थों के ठेले व गुमटी लगना शुरू हो गए हैं।
छत्तीसगढ़ में द्रोणिका सक्रिय, फिर भी नहीं बदलेगा मौसम
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिलहाल शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक इसमें किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा और उसके आसपास ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण लगभग 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक सक्रिय है।
वहीं इससे एक द्रोणिका उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर लगभग 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके बावजूद प्रदेश में वर्षा की कोई संभावना नहीं है।
अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहने की संभावना
रविवार को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले चार दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है।
राजधानी रायपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक है।
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बढ़ेगा रायपुर का तापमान
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्की धुंध रहने के भी आसार हैं। प्रदेश में शनिवार को मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई।
राजनांदगांव में सर्वाधिक तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में सबसे कम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। रायपुर में सुबह साढ़े आठ बजे आद्रता 48 प्रतिशत रही, जो शाम साढ़े पांच बजे घटकर 27 प्रतिशत तक पहुंच गई।
बादल लगभग नहीं रहे और हवा की औसत गति करीब चार किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में पारा सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रह सकता है।
