नई दिल्ली:– इससे 2 दिन पहले केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के मकसद से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियम में बदलाव किए थे. एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग का समय बढ़ाकर 21 दिन की जगह 25 दिन किया गया था. दरअसल, मध्य एशिया में छिड़ी जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से एलपीजी गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है.
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से यह फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि घरेलू ग्राहक महज 15 दिनों के अंतराल के बाद एलपीजी सिलेंडर बुक करा रहे थे. यह बात सामने आई कि जो लोग पहले 55 दिनों में सिलेंडर बुक कराते थे, उन्होंने अब 15 दिनों में सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया.
देश में गैस आपूर्ति के प्रभावित होने की खबरों के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने कल बुधवार को कहा था कि घरेलू रसोई गैस की जरूरतें पूरी करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भंडार है. लोगों को घबराहट में आकर सिलेंडर बुक करने की कोई जरूरत नहीं है. साथ ही मंत्रालय ने कहा कि घरेलू रिफाइनरी कंपनियों ने भी एलपीजी उत्पादन 25 फीसदी तक बढ़ा दिया है. इसके अलावा भारत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आपूर्ति बाधित होने के बाद नए स्रोतों से कच्चा तेल लेने में भी सफल रहा है.
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कल कहा कि सरकार की कोशिश घरों तक निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं. भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है और इसका 90 फीसदी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है. ऐसे में गैस आपूर्ति बाधित होने से वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के ऊपर घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने का सरकार ने फैसला किया है.
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को जरूरतों को देखते हुए औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों को मिलने वाली एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति में कटौती की है, ताकि 33 करोड़ से अधिक घरों तक रसोई गैस की नियमित आपूर्ति बनी रहे.
