नई दिल्ली:– एलपीजी गैस की किल्लत झेल रहे भारत के लोगों के लिए ईरान से राहत की बड़ी खबर आई है। बताया जा रहा है कि भारतीय ध्वज वाले 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदे एक जहाज, शिवालिक, ने बिना किसी सुरक्षा के होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना के युद्धपोत nearby क्षेत्र में सतर्क हैं और इस जहाज की निगरानी कर रहे हैं।
शिवालिक जहाज भारत के लिए रवाना
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया, शिवालिक टैंकर पर 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है और यह जहाज अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके अलावा, एक और एलपीजी टैंकर भी जल्द ही भारत के लिए रवाना होगा, जिसकी अनुमति भी मिल गई है। इस राहत के बाद यह माना जा रहा है कि ईरान के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री के बीच की बातचीत सकारात्मक रही है।
एलपीजी गैस की किल्लत पर राहत
पिछले तीन-चार दिनों से एलपीजी गैस की कमी की खबरें आ रही थीं, जिसके कारण गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही थीं और लोगों में बेचैनी फैल गई थी। लेकिन अब 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी गैस के भारत पहुंचने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरुआत से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया था और यह कहा था कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय का बयान
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव, सुजाता शर्मा, ने कहा कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर एलपीजी की बुकिंग और जमाखोरी करने लगे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है। इसके साथ ही, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत ग्राहकों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए डिलीवरी पर्सन को एक कोड देना होगा।
इसके अलावा, एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि डिमांड का प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके। सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि कच्चे तेल की स्थिति बहुत अच्छी है। भारत प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल तेल का उपयोग करता है और यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है, जिससे पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों की उपलब्धता में राहत मिलती है।
