नई दिल्ली:– चैत्र नवरात्रि का आज चौथा दिन है जो आदि स्वरूपा मां कूष्मांडा को समर्पित है। देवी कूष्मांडा को ब्रह्मांड की रचना करने वाली शक्ति माना जाता है। आज की पूजा में रंगों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि आज के दिन विशेष रंग के वस्त्र धारण करने से मां प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नारंगी रंग का गहरा नाता
नवरात्रि के चौथे दिन का शुभ रंग नारंगी (Orange) है। नारंगी रंग उत्साह, चमक और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मां कूष्मांडा सूर्य मंडल के भीतर निवास करती हैं इसलिए उनकी आभा सूर्य के समान देदीप्यमान है। यही कारण है कि नारंगी रंग उनकी पूजा के लिए सबसे उत्तम माना गया है। यह रंग न केवल आपकी एकाग्रता बढ़ाता है बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास में भी वृद्धि करता है।
महिलाओं के लिए आउटफिट आइडियाज
आज के दिन महिलाएं खुद को एथनिक लुक में ढालने के लिए कई विकल्प चुन सकती हैं।
सिल्क या शिफॉन की नारंगी साड़ी के साथ गोल्डन बॉर्डर वाला ब्लाउज आज के दिन सबसे शालीन और शुभ लुक देगा।
अगर आप ऑफिस जा रही हैं या घर पर पूजा है, तो नारंगी रंग का अनारकली सूट या चिकनकारी कुर्ता एक बेहतरीन चुनाव है।
अपने लुक को निखारने के लिए गोल्ड की ज्वेलरी या नारंगी रंग की चूड़ियां पहनें। हल्के मेकअप के साथ बिंदी आपके लुक को पूरा करेगी।
क्यों जरूरी है रंगों का चयन
नवरात्रि में रंगों का चयन केवल फैशन नहीं बल्कि आध्यात्मिक शुद्धता से भी जुड़ा है। नारंगी रंग अग्नि और सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है जो अज्ञानता के अंधेरे को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। मां कूष्मांडा की पूजा करते समय इस रंग को पहनने से भक्त की बौद्धिक क्षमता बढ़ती है और उसे रोगों से मुक्ति मिलती है।
आज मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग लगाएं और नारंगी रंग के फूल अर्पित करें। यदि आपके पास नारंगी रंग के पूरे कपड़े नहीं हैं तो आप नारंगी रंग का रुमाल या दुपट्टा भी साथ रख सकते हैं।
