नई दिल्ली:–धार्मिक नगरी काशी में ज्योतिष और वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान का दावा करने वाले आचार्य अतुल तिवारी इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच चर्चा में हैं। श्रीधाम काशी स्थित उनके केंद्र पर कुंडली से संबंधित विभिन्न दोषों—जैसे ग्रह बाधा, विवाह में विलंब, आर्थिक संकट और पारिवारिक कलह—का समाधान पारंपरिक विधि-विधान से किया जा रहा है।
आचार्य तिवारी के अनुसार, हर व्यक्ति की जन्म कुंडली में उपस्थित ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति उसके जीवन को प्रभावित करती है, और उचित पूजा-पाठ व अनुष्ठान से इन बाधाओं को दूर किया जा सकता है। इसी क्रम में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा शास्त्र सम्मत विधि से पूजा-पाठ एवं विशेष यज्ञ कराए जाते हैं।
विशेष रूप से शतचंडी यज्ञ का आयोजन यहां प्रमुख आकर्षण का केंद्र है, जिसे शक्ति उपासना का एक प्रभावी माध्यम माना जाता है। मान्यता है कि इस यज्ञ के आयोजन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां किए गए अनुष्ठानों से उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। आचार्य तिवारी का दावा है कि हर समस्या का समाधान व्यक्ति की कुंडली के अनुसार तय कर, विधिवत पूजा-पाठ के माध्यम से किया जाता है।
हालांकि, ज्योतिष और धार्मिक अनुष्ठानों की प्रभावशीलता को लेकर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है, लेकिन आस्था के इस केंद्र पर लोगों की बढ़ती भीड़ यह संकेत देती है कि समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी इन पारंपरिक उपायों पर विश्वास करता
