नई दिल्ली:– मिडिल ईस्ट में पिछले 26 दिनों से जारी तनाव के बीच नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आज बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में पेट्रोलियम मंत्री और विदेश मंत्री ने विपक्ष दलों के सभी सवालों के जवाब दिए। सरकार ने बताया की मौजूदा समय में देश के अंदर किसी तरह की पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
बैठक में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोज की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जिसे लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है। सरकार ने बताया कि अभी तक हमारे 4 जहाज वहां से निकल चुके हैं और कुछ और जल्दी निकलेंगे। ये हमारे लिए बड़ी बात है। कई देशों के जहाज अभी भी वहां फंसे हुए हैं। इस जानकारी को भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
पाकिस्तान के मध्यस्ता पर सरकार का जवाब
हाल के अंतरराष्ट्रीय तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। विपक्ष से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जब ईरान के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता का मुद्दा उठा तो सरकार की ओर से बताया गया कि यह प्रक्रिया कोई नई नहीं है, बल्कि यह तो 1981 से चल रहा है। एक तरह से अमेरिका ने सालों से पाकिस्तान को ईरान के साथ बातचीत में लगा रखा है।
विपक्ष ने बैठक में प्रधानमंत्री की ओर से संसद में दिए गए कोविड से जुड़े बयान पर भी चिंता जताई। विपक्ष का कहना था कि इस तरह के बयान से देश में पैनिक के हालात बन सकते हैं। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि ऐसा नहीं है, लेकिन अगर कहीं ऐसा है तो हम उसको देख रहे हैं।
युद्ध को लेकर PM ने रखा भारत का पक्ष
इस बीच सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बातचीत हुई है। इस बातचीत में भारत की स्पष्ट नीति दोहराई गई और प्रधानमंत्री ने कहा कि हमको वॉर नहीं चाहिए। यह संदेश वैश्विक मंच पर भारत की शांति और संतुलन की नीति को स्पष्ट करता है। बैठक के दौरान विदेश सचिव ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति और भारत के हितों पर डिटेल प्रेजेंटेशन भी दिया। इससे विपक्ष को रणनीतिक और कूटनीतिक पहलुओं की जानकारी दी गई, ताकि राष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक सहमति बन सके।
‘संकट के घड़ी में पक्ष-विपक्ष एकसाथ’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने डीटेल में बातचीत की। पश्चिम एशिया में जो दिक्कत है उसके बारे में बताया। सभी पार्टी के नेताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं कि सभी नेताओं ने भाग लिया। सभी नेताओं ने अपनी-अपनी चिंताएं व्यक्त की। भारत को किस तरह से प्रभाव पड़ेगा, इस पर सवाल किया जिसका सरकार ने जवाब दिया। संकट की इस घड़ी में विपक्ष के सभी नेता एकजुट रहेंगे और साथ देंगे ऐसा विपक्ष के नेताओं ने दिया।
‘एलपीजी और पेट्रोल की दिक्कत नहीं’
विपक्ष के सूत्र के मुताबिक, सरकार से पूछा गया कि देश के कई इलाकों में एलपीजी और पेट्रोल डीजल की कमी की जानकारी सामने आ रही है। इस पर सरकार की तरफ से बताया गया कि देश में किसी भी तरह की फिलहाल कोई किल्ल्त नहीं है और जो जानकारी और तस्वीरें सामने आ रही हैं उसकी बड़ी वजह सप्लाई चेन में कमी है।
