नई दिल्ली:– नया वित्त वर्ष आज से शुरू हो गया है और इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम भी बदल गए हैं। पैन कार्ड बनवाने से लेकर बैंक से पैसे निकालने तक, सरकार और बैंकों ने नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अगर आप नौकरीपेशा हैं या निवेश करते हैं, तो इन 5 बदलावों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है:
- पैन कार्ड बनवाना अब नहीं होगा आसान
अब तक सिर्फ आधार कार्ड के जरिए पैन (PAN) बन जाता था, लेकिन 1 अप्रैल से नियम कड़े हो गए हैं। अब आधार के साथ जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अन्य सरकारी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इससे धोखाधड़ी रुकेगी, लेकिन पैन कार्ड बनने में अब थोड़ा अधिक समय लग सकता है। - HRA क्लेम पर बढ़ी सख्ती (फर्जीवाड़े पर रोक)
किराये के घर में रहने वाले कर्मचारियों के लिए अब नियम और सख्त हो गए हैं। यदि आपका सालाना किराया ₹1 लाख से अधिक है, तो मकान मालिक का पैन नंबर देना ही होगा। साथ ही यह बताना होगा कि मकान मालिक आपके परिवार का सदस्य है या नहीं। इसके लिए अब अलग से फॉर्म भरना होगा। गलत HRA क्लेम करने वालों पर आयकर विभाग की पैनी नजर रहेगी।
- ATM से कैश निकालना हुआ महंगा
HDFC, PNB और बंधन बैंक जैसे बड़े बैंकों ने कैश निकासी की सीमा और चार्ज में बदलाव किया है।
HDFC Bank: मेट्रो शहरों में केवल 3 और नॉन-मेट्रो में 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलेंगे।
PNB: कुछ कार्ड्स पर डेली लिमिट ₹1 लाख से घटाकर ₹50,000 कर दी गई है।
Bandhan Bank: महीने में केवल 5 फ्री फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन ही मिलेंगे, उसके बाद चार्ज लगेगा।
- क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर IT विभाग की नजर
क्रेडिट कार्ड का अधिक इस्तेमाल करने वालों को अब सावधान रहना होगा। साल भर में ₹10 लाख से ज्यादा का डिजिटल खर्च या ₹1 लाख से ज्यादा का कैश पेमेंट करने पर इसकी जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग को जाएगी। अब आप क्रेडिट कार्ड से टैक्स भी भर सकते हैं, हालांकि इसके लिए अतिरिक्त ट्रांजैक्शन फीस देनी पड़ सकती है।
- ITR फाइलिंग की नई डेडलाइन
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वालों के लिए तारीखों का नया शेड्यूल जारी किया गया है। ITR-1 और ITR-2 के आवेदकों के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की गई है। वही बिना ऑडिट वाले ITR-3 और ITR-4 के लिए डेडलाइन 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।
